आर्मेनिया की संसद में गुरुवार को सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसदों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि सदन में जमकर मारपीट और तोड़फोड़ हुई। इस टकराव के दौरान सांसदों ने एक-दूसरे पर कुर्सियां और पानी की बोतलें फेंकीं, लात-घूंसे चलाए और मेजें तक तोड़ दीं। घटना की शुरुआत विपक्षी दल ‘स्ट्रॉन्ग आर्मेनिया’ के उस प्रस्ताव पर बहस के दौरान हुई, जिसमें इस साल की शुरुआत में देश में एक नया मंत्रालय बनाने का वादा किया गया था। सत्तारूढ़ ‘सिविल कॉन्ट्रैक्ट’ पार्टी के सांसद तारोन चाखोयान ने प्रस्ताव पर सवाल उठाते हुए विपक्ष पर भ्रष्टाचार में डूबे होने का आरोप लगाया। उन्होंने विपक्षी नेता नारिक करापेत्यान से महिलाओं के सामने माफी मांगने की मांग भी की। बहस के दौरान चाखोयान ने करापेत्यान के लिए अपमानजनक टिप्पणी की और उन्हें सिर से पैर तक गड़बड़ बताया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई और सदन का माहौल तनावपूर्ण हो गया।
सीटों से उठकर पोडियम की ओर बढ़े विपक्षी सदस्य: सत्तापक्ष के सांसद की टिप्पणी से नाराज विपक्षी सांसद अपनी सीटें छोड़कर उस पोडियम की ओर बढ़ने लगे, जहां तारोन चाखोयान बोल रहे थे। सत्तारूढ़ दल के सदस्यों ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन इस दौरान दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। विवाद ने जल्द ही हिंसक रूप ले लिया और सांसद एक-दूसरे पर लात-घूंसे चलाने लगे। कुछ सदस्यों ने पानी की बोतलें उठाकर विरोधी पक्ष की ओर फेंकीं। सदन के भीतर मौजूद दूसरे सांसदों और सुरक्षाकर्मियों ने बीच-बचाव करने का प्रयास किया, लेकिन स्थिति काफी देर तक नियंत्रण में नहीं आ सकी। मारपीट के दौरान दोनों पक्षों के सदस्य एक-दूसरे के सामने डटे रहे और हंगामा बढ़ता चला गया। सदन में हुई इस भिड़ंत के कारण सामान्य कामकाज का माहौल पूरी तरह समाप्त हो गया और संसद का परिसर राजनीतिक बहस के बजाय हिंसक टकराव का दृश्य बन गया।
उपसभापति वाहागन अलेक्सान्यान ने भी फेंकी कुर्सी: मारपीट के बीच संसद के उपसभापति और सत्तारूढ़ ‘सिविल कॉन्ट्रैक्ट’ पार्टी के सदस्य वाहागन अलेक्सान्यान ने विपक्षी सांसदों की तरफ कुर्सी फेंक दी। इसी घटनाक्रम में तारोन चाखोयान विपक्षी सांसद गार्निक दावत्यन पर पानी फेंकते हुए दिखाई दिए। दूसरे सांसदों ने भी एक-दूसरे पर पानी की बोतलें उछालीं। हंगामे के दौरान सदन में रखी मेजों को भी नुकसान पहुंचाया गया और कुछ मेजें तोड़ दी गईं। सांसदों के बीच हाथापाई लगातार जारी रही, जबकि सुरक्षाकर्मी और अन्य सदस्य उन्हें अलग करने की कोशिश करते रहे। सदन के भीतर कुर्सियां और बोतलें फेंके जाने तथा मेजों के टूटने से अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच शुरू हुआ राजनीतिक विवाद अब व्यक्तिगत टकराव और शारीरिक हमले में बदल चुका था।
अध्यक्ष ने जनता को पूरी घटना दिखाने के लिए प्रसारण नहीं रोका: संसद में मारपीट के दौरान कार्यवाही का सीधा प्रसारण लगातार जारी रहा। संसद के अध्यक्ष रुबेन रुबिन्यान ने कहा कि वह प्रसारण बंद नहीं करेंगे, ताकि जनता खुद देख सके कि सदन के अंदर किस तरह की स्थिति बनी हुई है। इस फैसले के कारण सांसदों के बीच हुई झड़प के दृश्य प्रसारण के माध्यम से लोगों तक पहुंचते रहे। इस बीच विवाद सदन की चारदीवारी तक सीमित नहीं रहा। सांसदों के बीच धक्का-मुक्की और मारपीट संसद के गलियारों तक पहुंच गई, जहां भी काफी देर तक दोनों पक्षों के सदस्य एक-दूसरे से भिड़ते रहे। इस दौरान कथित तौर पर अपशब्दों का इस्तेमाल भी किया गया। सुरक्षाकर्मी लगातार हालात संभालने और झगड़ रहे सांसदों को अलग करने की कोशिश करते रहे। इसके बावजूद संसद के भीतर और गलियारों में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।
विपक्षी सांसद की नाक से बहा खून, दूसरे के कपड़े फटे: हिंसक झड़प के बाद घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए संसद परिसर में एंबुलेंस बुलाई गई। विपक्षी दल ‘स्ट्रॉन्ग आर्मेनिया’ के सांसद आंद्रानिक गेवरग्यान की नाक से खून निकल रहा था। वहीं, सांसद रूबेन मखितार्यान के कपड़े फट गए थे। घटना में घायल हुए लोगों को चिकित्सा सहायता देने के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था की गई और उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। मारपीट के दौरान कुर्सियां फेंके जाने, पानी की बोतलों से हमले और मेजें तोड़े जाने के कारण सदन में भारी अव्यवस्था फैल गई थी। सुरक्षाकर्मियों तथा अन्य सांसदों ने स्थिति संभालने के लिए लगातार हस्तक्षेप किया। इस पूरे घटनाक्रम में सत्ता पक्ष और विपक्ष के कई सदस्य आमने-सामने आ गए और विवाद संसद के अलग-अलग हिस्सों तक फैल गया।
राजनीतिक टकराव का वीडियो दुनिया भर में चर्चा का विषय: आर्मेनिया की संसद में हुई इस घटना ने राजनीतिक हलकों के साथ-साथ आम लोगों का ध्यान भी खींचा है। सदन की कार्यवाही का सीधा प्रसारण जारी रहने के कारण सांसदों के बीच हुई बहस, धक्का-मुक्की, मारपीट और तोड़फोड़ के दृश्य सामने आए। विवाद की शुरुआत विपक्षी दल के नए मंत्रालय संबंधी प्रस्ताव पर सवाल उठाने और उसके नेता के खिलाफ की गई टिप्पणी से हुई थी, लेकिन देखते ही देखते यह टकराव कुर्सियां फेंकने और हाथापाई तक पहुंच गया। उपसभापति की ओर से कुर्सी फेंके जाने, सांसदों द्वारा बोतलें उछालने और मेजें तोड़े जाने की घटनाओं ने हंगामे को और गंभीर बना दिया। इसके बाद संसद के गलियारों में भी भिड़ंत जारी रही और घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस बुलानी पड़ी। आर्मेनिया की संसद से सामने आए इस घटनाक्रम के दृश्य पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बने हुए हैं।















































