अमेरिका में 3 नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनाव से पहले एलन मस्क ने वर्ष 2028 की राजनीतिक परिस्थितियों को लेकर गंभीर चेतावनी दी है। दुनिया के सबसे अमीर कारोबारी मस्क का कहना है कि अगर डेमोक्रेटिक पार्टी ने 2028 में प्रतिनिधि सभा, सीनेट और राष्ट्रपति पद, तीनों पर कब्जा कर लिया तो अमेरिका की राजनीतिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव हो सकता है। उन्होंने सामाजिक माध्यम एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि ऐसी स्थिति में अमेरिका का खेल खत्म हो जाएगा और देश का लोकतंत्र खतरे में पड़ सकता है। मस्क ने यह टिप्पणी गुरुवार को की। उनके बयान में मुख्य चिंता इस बात को लेकर है कि तीनों प्रमुख राजनीतिक संस्थाओं पर एक ही दल का नियंत्रण स्थापित होने से सत्ता का संतुलन बदल सकता है। यह बयान उस समय आया है, जब अमेरिका में होने वाले मध्यावधि चुनाव के जरिए प्रतिनिधि सभा और सीनेट में राजनीतिक दलों की स्थिति का फैसला होना है।
वॉशिंगटन डीसी और प्यूर्टो रिको को राज्य बनाने की आशंका: एलन मस्क ने अपनी पोस्ट में डेमोक्रेट्स की संभावित रणनीति के 3 पहलुओं का उल्लेख किया। उनके अनुसार, यदि पार्टी को 2028 में प्रतिनिधि सभा, सीनेट और राष्ट्रपति पद पर जीत मिलती है तो वह सबसे पहले वॉशिंगटन डीसी और प्यूर्टो रिको को अमेरिकी राज्य का दर्जा दे सकती है। मस्क का दावा है कि इससे सीनेट में डेमोक्रेटिक पार्टी की स्थिति और मजबूत हो जाएगी। उन्होंने दूसरा संभावित कदम अमेरिका की सीमाएं खोलने और देश में अवैध रूप से रह रहे सभी लोगों को कानूनी दर्जा देने से जुड़ा बताया। मस्क के मुताबिक, ऐसा करने से डेमोक्रेट्स भविष्य में अपने लिए स्थायी राजनीतिक बहुमत तैयार कर सकते हैं। तीसरे कदम के रूप में उन्होंने उच्चतम न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने की आशंका जताई। उनका कहना है कि इससे पार्टी न्यायालय में तत्काल अपना बहुमत स्थापित कर सकती है। मस्क ने इन संभावित फैसलों को अमेरिका की मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था बदलने वाले कदम बताया।
रिपब्लिकन सीनेट में कम से कम 51 सदस्यों की अपील: एलन मस्क ने दावा किया कि यदि डेमोक्रेटिक पार्टी को तीनों स्तरों पर सत्ता मिल गई और उसने बताए गए कदम उठाए तो अमेरिका स्थायी रूप से एकदलीय व्यवस्था की ओर बढ़ सकता है। उनके अनुसार, इससे लोकतंत्र अपने वास्तविक मायने में खत्म हो जाएगा और देश पर एक ही पार्टी का स्थायी नियंत्रण स्थापित हो सकता है। मस्क ने रिपब्लिकन पार्टी के समर्थकों से आगामी चुनाव में उसके उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान करने की अपील की है। उन्होंने खास तौर पर कहा कि इस स्थिति को रोकने के लिए 2029 में सीनेट में रिपब्लिकन पार्टी के कम से कम 51 सदस्य होने चाहिए। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब वह रिपब्लिकन उम्मीदवारों के समर्थन में भारी रकम खर्च कर रहे हैं। मस्क का मानना है कि सीनेट में रिपब्लिकन सदस्यों की पर्याप्त संख्या बने रहने से डेमोक्रेट्स को अपनी बताई गई योजनाओं को लागू करने से रोका जा सकेगा। उन्होंने अपनी पोस्ट में इन आशंकाओं को अमेरिकी लोकतंत्र के भविष्य से जोड़कर पेश किया।
राजनीतिक चंदे में मस्क ने खर्च किए 442 मिलियन डॉलर से ज्यादा: चुनावी वित्तीय दस्तावेजों के मुताबिक, एलन मस्क अब तक रिपब्लिकन उम्मीदवारों और राजनीतिक संगठनों पर 442 मिलियन डॉलर से अधिक खर्च कर चुके हैं। इस तरह वह अमेरिका के राजनीतिक इतिहास में सबसे ज्यादा व्यक्तिगत राजनीतिक चंदा देने वाले व्यक्ति बन गए हैं। हालिया दस्तावेजों में सामने आया कि मस्क ने पिछले एक महीने के दौरान अपने संगठन ‘अमेरिका पीएसी’ को 76.8 मिलियन डॉलर की नई राशि दी। इससे पहले वह रिपब्लिकन उम्मीदवारों और उनसे जुड़े संगठनों को समर्थन देने के लिए 366 मिलियन डॉलर खर्च कर चुके थे। मस्क ने वर्ष 2024 के चुनाव के दौरान ‘अमेरिका पीएसी’ बनाया था और अक्टूबर में करीब एक सप्ताह के भीतर इस संगठन को नई रकम मिली। वर्ष 2024 के चुनाव में भी वह डोनाल्ड ट्रंप तथा दूसरे रिपब्लिकन उम्मीदवारों के समर्थन में 250 मिलियन डॉलर से ज्यादा खर्च कर चुके थे। उनके राजनीतिक चंदे का बड़ा हिस्सा कांग्रेस में रिपब्लिकन पार्टी का नियंत्रण बनाए रखने के लिए इस्तेमाल हुआ है।
प्रतिनिधि सभा के चुनाव में डेमोक्रेट्स को बढ़त के संकेत: मस्क की ओर से रिपब्लिकन उम्मीदवारों के समर्थन की अपील के बीच चुनावी सर्वेक्षण डेमोक्रेटिक पार्टी के पक्ष में बढ़त दिखा रहे हैं। 25 अक्टूबर को जारी सर्वेक्षण में अनुमान लगाया गया कि डेमोक्रेट्स प्रतिनिधि सभा में 229 सीटें हासिल कर सकते हैं। कुछ चुनावी अनुमानों में यह संख्या 230 से ऊपर जाने की बात भी कही गई है। इसके बावजूद रिपब्लिकन पार्टी के पास सदन में बहुमत बनाए रखने का सीमित मौका है। सर्वेक्षण में बताया गया कि डेमोक्रेट्स की बढ़त पिछले कुछ हफ्तों से बनी हुई है, लेकिन इसमें बहुत बड़ी बढ़ोतरी नहीं हुई है। मतदाताओं के फैसले पर महंगाई और अर्थव्यवस्था से जुड़ी चिंताओं का असर पड़ रहा है। हालांकि, बड़ी संख्या में अमेरिकी नागरिकों को अब भी यह भरोसा नहीं है कि किसी भी पार्टी के पास उनकी आर्थिक स्थिति सुधारने की कोई स्पष्ट योजना है। 3 नवंबर को होने वाले मतदान से प्रतिनिधि सभा और सीनेट, दोनों में राजनीतिक नियंत्रण की स्थिति साफ होगी।
ट्रंप ने ईमानदार चुनाव की शर्त रखी, लोकप्रियता भी घटी: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 27 अक्टूबर को कहा था कि यदि मध्यावधि चुनाव ईमानदारी से कराए जाते हैं तो वह उसके परिणामों का सम्मान करेंगे। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि जरूरत पड़ने पर वह अपने वीटो अधिकार का इस्तेमाल करेंगे, हालांकि उन्हें उम्मीद है कि इसकी आवश्यकता नहीं पड़ेगी। ट्रंप ने यह भी कहा कि वह चुनावी नतीजों को तभी स्वीकार करेंगे, जब मतदान ईमानदार तरीके से कराया जाएगा। इससे पहले उन्होंने वोट चोरी का पता लगाने में मदद करने वाले व्यक्ति को 1 मिलियन डॉलर यानी करीब 9.5 करोड़ रुपये का इनाम देने की घोषणा की थी। इस बीच ट्रंप प्रशासन आर्थिक चुनौतियों और घटती लोकप्रियता से जूझ रहा है। सितंबर में प्रकाशित एक सर्वेक्षण के मुताबिक, उनकी स्वीकृति दर गिरकर 37 फीसदी पर पहुंच गई थी। 1990 में इस तरह के सर्वेक्षण शुरू होने के बाद मध्यावधि चुनाव से पहले किसी राष्ट्रपति के लिए इसे सबसे कम रेटिंग बताया गया। ऐसे राजनीतिक और आर्थिक माहौल में 3 नवंबर का चुनाव अमेरिकी प्रतिनिधि सभा और सीनेट में सत्ता का भविष्य तय करेगा।















































