नई दिल्ली: आगामी सोमवार से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र से पहले विपक्षी खेमे में हलचल तेज हो गई है। दिल्ली में सोनिया गांधी के नेतृत्व में 10 जनपथ पर कांग्रेस संसदीय दल (CPP) की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी समेत कई दिग्गज नेता शामिल हुए। बैठक के बाद कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि वह आगामी सत्र में सरकार द्वारा लाए जाने वाले परिसीमन बिल (Delimitation Bill) का पुरजोर विरोध करेगी।
सर्वदलीय बैठक को बताया ‘महज औपचारिकता’
बैठक के बाद कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने मीडिया से बात करते हुए सरकार पर निशाना साधा:
- एकजुटता का दावा: जयराम रमेश ने कहा कि जैसे ही सरकार परिसीमन बिल लाएगी, कांग्रेस अन्य समान विचारधारा वाले विपक्षी दलों के साथ मिलकर इसका विरोध करेगी।
- रविवार को सर्वदलीय बैठक: उन्होंने कहा कि सत्र से पहले रविवार को होने वाली सर्वदलीय बैठक सिर्फ एक औपचारिकता है। तंज कसते हुए उन्होंने कहा, “इस बैठक में 35 नेता बोलते हैं, 4 लोग सुनते हैं और सिर्फ 2 लोग फैसला करके उसे जबरदस्ती लागू करवा देते हैं।”
इन बड़े बिलों पर भी आर-पार के मूड में कांग्रेस
कांग्रेस ने संकेत दिए हैं कि वह मानसून सत्र में सरकार के लगभग हर प्रमुख बिल को ब्लॉक करने की रणनीति बना रही है:
- ‘एक देश, एक चुनाव’ व कार्यकाल से जुड़े बिल: JPC में विपक्ष द्वारा बहिष्कृत उस बिल का विरोध किया जाएगा, जिसमें सांसदों, विधायकों, मुख्यमंत्रियों और प्रधानमंत्री का कार्यकाल खत्म करने का प्रावधान है।
- FCRA बिल: विदेशी अंशदान (नियमन) कानून से जुड़े संशोधनों का भी विरोध होगा।
- खाद्य सुरक्षा कानून 2013: प्रधानमंत्री अन्न योजना के आधार रहे इस मूल कानून में सरकार कुछ बदलाव करने जा रही है, जिसका कांग्रेस पुरजोर विरोध करेगी।
लोकसभा का बदला गणित और पीएम मोदी की मैराथन बैठक
इस बार परिसीमन बिल को रोकना विपक्ष के लिए आसान नहीं होगा, क्योंकि लोकसभा का राजनीतिक परिदृश्य बदल चुका है।
- सरकार की तैयारी: इस बिल को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी बेहद गंभीर हैं। बीती रात पीएम आवास पर करीब ढाई घंटे तक एक मैराथन बैठक चली, जिसमें गृह मंत्री अमित शाह और नितिन नवीन मौजूद रहे।
- क्या सरकार के पास हैं जरूरी नंबर?: संविधान संशोधन बिल को पास कराने के लिए सरकार को 360 सांसदों के समर्थन की जरूरत है।
- सरकार अब तक 324 सांसदों का समर्थन जुटा चुकी है।
- शरद पवार की NCP (8 सांसद) ने संकेत दिए हैं कि अगर 50% फॉर्मूले के साथ बिल आता है, तो वे समर्थन कर सकते हैं।
- DMK भी सरकार के साथ आ सकती है, जिससे आंकड़ा 354 तक पहुंच जाएगा।
- यदि YSR कांग्रेस और उद्धव ठाकरे गुट के 3 सांसदों ने साथ दे दिया, तो सरकार आसानी से बहुमत का आंकड़ा पार कर लेगी।

























































