आज 15 जुलाई, बुधवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। आज आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि है, जो गुप्त नवरात्रि के शुभारंभ का प्रतीक है। हिंदू पंचांग के अनुसार, वर्ष में कुल चार बार नवरात्रि का पर्व आता है—पौष, चैत्र, आषाढ़ और आश्विन। इनमें से चैत्र और आश्विन की नवरात्रि प्रत्यक्ष रूप से मनाई जाती हैं, जबकि पौष और आषाढ़ माह की नवरात्रि को गुप्त नवरात्रि के रूप में जाना जाता है।
15 जुलाई से लेकर 22 जुलाई तक, पूरे नौ दिनों तक शक्ति की अधिष्ठात्री मां दुर्गा के नौ अलग-अलग गुप्त स्वरूपों की पूजा-आराधना की जाएगी। आचार्य इंदु प्रकाश के अनुसार, इस दौरान कलश स्थापना शुभ मुहूर्त में ही की जानी चाहिए। आइए, आज के पंचांग, शुभ-अशुभ मुहूर्त और देश के विभिन्न शहरों में राहुकाल के समय पर विस्तार से नज़र डालते हैं।
15 जुलाई 2026 का मुख्य पंचांग
दिन की शुरुआत और महत्वपूर्ण कार्यों के लिए पंचांग का ज्ञान होना आवश्यक है। आज का मुख्य पंचांग इस प्रकार है:
| विवरण | समय / स्थिति |
| तिथि | आषाढ़ शुक्ल पक्ष प्रतिपदा (दोपहर 11:52 बजे तक) |
| दिन | बुधवार |
| योग | हर्षण योग (सुबह 08:05 बजे तक) |
| नक्षत्र | पुष्य नक्षत्र (रात 09:47 बजे तक) |
| विशेष पर्व | आषाढ़ गुप्त नवरात्रि आरंभ |
| कलश स्थापना मुहूर्त | सुबह 05:33 बजे से 10:09 बजे तक |
शुभ और अशुभ समय (मुहूर्त)
किसी भी नए कार्य की शुरुआत, पूजा-पाठ या यात्रा के लिए शुभ और अशुभ समय का ध्यान रखना भारतीय ज्योतिष में बहुत महत्वपूर्ण माना गया है।
15 जुलाई 2026 के शुभ मुहूर्त:
| मुहूर्त का नाम | समय |
| ब्रह्म मुहूर्त | सुबह 04:43 से 05:26 तक |
| अभिजित मुहूर्त | (आज कोई अभिजित मुहूर्त नहीं है) |
| विजय मुहूर्त | दोपहर 02:56 से 03:49 तक |
| गोधूलि मुहूर्त | शाम 07:18 से 07:40 तक |
| अमृत काल | दोपहर 04:00 से 05:27 तक |
15 जुलाई 2026 के अशुभ समय:
| मुहूर्त का नाम | समय |
| राहुकाल | दोपहर 12:44 से 02:23 तक |
| यमगण्ड | सुबह 07:48 से 09:27 तक |
| आडल योग | सुबह 06:09 से रात 09:46 तक |
| विडाल योग | रात 09:46 से अगले दिन (16 जुलाई) सुबह 06:10 तक |
| गुलिक काल | सुबह 11:06 से दोपहर 12:44 तक |
| दुर्मुहूर्त | दोपहर 12:18 से 01:11 तक |
| वर्ज्य | सुबह 07:22 से 08:48 तक |
| बाण मृत्यु | रात 10:36 तक |
| अग्नि | रात 10:36 से पूरी रात तक |
भारत के प्रमुख राज्यों/राजधानियों में राहुकाल का समय
राहुकाल को किसी भी शुभ कार्य के लिए वर्जित माना जाता है। चूँकि राहुकाल सूर्योदय और सूर्यास्त के समय पर निर्भर करता है, इसलिए अक्षांश और देशांतर के आधार पर अलग-अलग शहरों में इसके समय में कुछ मिनटों का अंतर होता है। यहाँ भारत के प्रमुख शहरों के लिए मानक राहुकाल का समय दिया गया है:
| शहर (राज्य) | राहुकाल का समय |
| लखनऊ (उत्तर प्रदेश) | दोपहर 12:27 से 02:09 तक |
| नई दिल्ली (दिल्ली) | दोपहर 12:27 से 02:09 तक |
| पटना (बिहार) | दोपहर 12:10 से 01:52 तक |
| कोलकाता (पश्चिम बंगाल) | सुबह 11:51 से दोपहर 01:34 तक |
| मुम्बई (महाराष्ट्र) | दोपहर 01:14 से 02:54 तक |
| जयपुर (राजस्थान) | दोपहर 12:43 से 02:25 तक |
| भोपाल (मध्य प्रदेश) | दोपहर 12:30 से 02:13 तक |
| गांधीनगर (गुजरात) | दोपहर 01:00 से 02:43 तक |
| हैदराबाद (तेलंगाना) | दोपहर 12:24 से 02:02 तक |
| बेंगलुरु (कर्नाटक) | दोपहर 12:23 से 02:00 तक |
| चेन्नई (तमिलनाडु) | दोपहर 12:11 से 01:48 तक |
| तिरुवनंतपुरम (केरल) | दोपहर 12:19 से 01:54 तक |
| भुवनेश्वर (ओडिशा) | दोपहर 12:03 से 01:43 तक |
| रायपुर (छत्तीसगढ़) | दोपहर 12:15 से 01:57 तक |
| रांची (झारखंड) | दोपहर 12:09 से 01:50 तक |
| चंडीगढ़ (पंजाब/हरियाणा) | दोपहर 12:29 से 02:11 तक |
| श्रीनगर (जम्मू और कश्मीर) | दोपहर 12:35 से 02:17 तक |
| शिमला (हिमाचल प्रदेश) | दोपहर 12:28 से 02:10 तक |
| देहरादून (उत्तराखंड) | दोपहर 12:23 से 02:06 तक |
| गुवाहाटी (असम) | सुबह 11:25 से दोपहर 01:05 तक |
| ईटानगर (अरुणाचल प्रदेश) | सुबह 11:13 से दोपहर 12:54 तक |
| कोहिमा (नागालैंड) | सुबह 11:09 से दोपहर 12:49 तक |
| इंफाल (मणिपुर) | सुबह 11:13 से दोपहर 12:53 तक |
| शिलांग (मेघालय) | सुबह 11:20 से दोपहर 01:00 तक |
| आइजोल (मिजोरम) | सुबह 11:17 से दोपहर 12:58 तक |
| अगरतला (त्रिपुरा) | सुबह 11:26 से दोपहर 01:08 तक |
| गंगटोक (सिक्किम) | सुबह 11:42 से दोपहर 01:23 तक |
| पणजी (गोवा) | दोपहर 12:45 से 02:24 तक |
| अमरावती (आंध्र प्रदेश) | दोपहर 12:10 से 01:47 तक |
नोट: अन्य केंद्र शासित प्रदेशों या छोटे शहरों के निवासी अपने स्थानीय सूर्योदय के अनुसार दिन के आठवें भाग (लगभग 1.5 घंटे की अवधि) की गणना करके राहुकाल का सटीक समय निकाल सकते हैं।


























































