ईरान के सैन्य ठिकानों पर अमेरिका की ओर से लगातार बहुत बड़े स्तर पर हमले किए जा रहे हैं। होर्मुज क्षेत्र में पूर्ण नाकेबंदी लागू करने से पहले अमेरिकी नेवी ने ईरानी सेना को भारी नुकसान पहुंचाया है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दक्षिणी ईरान के बंपुर और चाबहार शहरों में कई शक्तिशाली विस्फोटों की गूंज सुनी गई है। इन दो प्रमुख क्षेत्रों के अतिरिक्त बंदर अब्बास और सिरिक के पास भी कई सैन्य ठिकानों पर भयंकर धमाके हुए हैं। अमेरिकी बलों ने इन सभी इलाकों को पूरी तरह से निशाना बनाया है।
पर्शियन गल्फ में बमबारी अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड ने खाड़ी क्षेत्र में अपनी पूरी सैन्य शक्ति को झोंक दिया है। सेंट्रल कमांड के विमानों ने पर्शियन गल्फ और स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ के आस-पास अपनी गश्त और हमले बढ़ा दिए हैं। इन दोनों रणनीतिक जलमार्गों के निकट स्थित ईरान के कई मिलिट्री इंस्टॉलेशंस पर जबरदस्त बमबारी की गई है। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य ईरानी नौसेना और वायुसेना की जवाबी क्षमता को पूरी तरह से पंगु बनाना है। इस बमबारी के कारण ईरान के कई महत्वपूर्ण रक्षा ढांचे पूरी तरह जमींदोज हो गए हैं।
बहरीन में अमेरिकी बेस पर हमला अमेरिकी सेना द्वारा लगातार चौथे दिन ईरान के ठिकानों पर बमबारी करने के बाद खाड़ी में तनाव बढ़ गया है। ईरान ने भी बिना समय गंवाए अमेरिका के खिलाफ एक बहुत बड़ा जवाबी हमला शुरू कर दिया है। ईरानी बलों ने बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य बेस को निशाना बनाकर कई मिसाइलें दागी हैं। इस भीषण मिसाइल हमले का एक लाइव वीडियो इस समय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर काफी वायरल हो रहा है। इस वीडियो में बहरीन की एयर डिफेंस और मिसाइल डिफेंस सिस्टम इन मिसाइलों को रोकती दिख रही हैं।
कुवैत के गोदाम पर प्रहार ईरान ने अपनी जवाबी कार्रवाई का दायरा बढ़ाते हुए बहरीन के साथ-साथ कुवैत को भी युद्ध की आग में झोंक दिया है। वायरल हो रहे एक नए वीडियो में एक घातक ईरानी ड्रोन कुवैत की सीमा के भीतर प्रवेश करता दिख रहा है। यह विस्फोटक ड्रोन कुवैत के एक बड़े गोडाउन से सीधे जाकर बहुत भीषण तरीके से टकरा जाता है। इस टक्कर के समय उस गोदाम में पहले से ही एक अन्य घटना के कारण भयंकर आग लगी हुई थी। अमेरिकी हमलों के जवाब में यह ईरान की तरफ से किया गया चौथा बड़ा सैन्य पलटवार है।
सेंटकॉम की युद्धक तैनाती दोनों देशों के बीच जारी इस खूनी वार-पलटवार के बीच अमेरिकी नौसेना ने मोर्चा पूरी तरह संभाल लिया है। अमेरिकी नेवी ने अब ईरान के सभी प्रमुख कमर्शियल और मिलिट्री पोर्ट्स की नाकेबंदी फिर से शुरू कर दी है। इस घेराबंदी को मजबूत करने के लिए अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने अपनी ताकत बढ़ा दी है। सेंटकॉम की रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान में 20 से अधिक अत्याधुनिक अमेरिकी नौसेना के वॉरशिप समुद्र में मौजूद हैं। इनके साथ ही सैकड़ों अमेरिकी फाइटर जेट पूरे मिडिल ईस्ट क्षेत्र में चौबीसों घंटे सक्रिय बने हुए हैं।
टैंकरों ने बदला रास्ता अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते इस भीषण युद्ध के चलते होर्मुज के पूरे इलाके में तनाव चरम पर पहुंच गया है। इस समुद्री मार्ग से मालवाहक और कच्चे तेल के जहाजों का सुरक्षित रूप से गुजरना अब लगभग असंभव हो गया है। किसी भी अप्रत्याशित हवाई या समुद्री हमले के डर से तेल के बड़े टैंकर होर्मुज की जगह दूसरा गुप्त रास्ता अपना रहे हैं। इस गंभीर स्थिति के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को एक और बहुत ही खतरनाक चेतावनी जारी की है। उन्होंने धमकी दी है कि अमेरिकी हमले ईरान की बची-खुची सैन्य शक्ति को हमेशा के लिए समाप्त कर देंगे।


























































