दक्षिण अमेरिका के कोलंबिया में सोमवार के दिन एक बेहद ही भयावह और तेज गति का भूकंप दर्ज किया गया है। पश्चिमी कोलंबिया में आए इस विनाशकारी भूकंप के कारण पूरे देश के साथ-साथ पड़ोसी राष्ट्र इक्वाडोर में भी जोरदार झटके लगे। भूकंप इतना अचानक और तेज था कि पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया। इमारतों के लगातार हिलने की वजह से भयभीत लोग बिना कोई देरी किए अपने घरों, दफ्तरों और दुकानों से निकलकर सुरक्षित स्थानों की तरफ भागे। इस आपदा के कारण जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है।
बोगोटा से 400 किमी दूर था भूकंप का केंद्र: यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे के साथ ही कोलंबिया की अधिकृत एजेंसी ने पुष्टि की है कि भूकंप की तीव्रता 7.4 थी। वैज्ञानिक रिपोर्टों के अनुसार इस शक्तिशाली भूकंप का मुख्य केंद्र धरती के काफी नीचे गहराई में मौजूद था। जांच एजेंसियों ने बताया है कि इसका केंद्र सैन होजे डेल पाल्मार में स्थित था। यह प्रभावित क्षेत्र कोलंबिया की राजधानी बोगोटा से लगभग 250 मील यानी 400 किलोमीटर दूर पश्चिम दिशा में पड़ता है। केंद्र की अत्यधिक गहराई होने के कारण ही झटकों का असर इतने बड़े और विस्तृत भू-भाग पर स्पष्ट रूप से देखने को मिला।
हादसे में 79 मौतें और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी: भूकंप के तुरंत बाद सरकारी अधिकारियों ने शुरुआती स्थिति का आकलन करते हुए बताया कि कई इमारतें ढह गई हैं। ध्वस्त हुई इन इमारतों के मलबे के नीचे काफी संख्या में स्थानीय निवासियों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। अब तक मिली आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार इस दुखद दुर्घटना में 79 लोगों की मृत्यु होने की पुष्टि हो चुकी है। मलबे को हटाने और फंसे हुए नागरिकों को बाहर निकालने के लिए विभिन्न इलाकों में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। सरकार और स्थानीय प्रशासन राहत सामग्रियों को प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचाने में पूरी ताकत झोंक रहे हैं।
वेनेजुएला की पुरानी त्रासदी की यादें हुई ताजा: यह हालिया भूकंपीय आपदा जून के अंत में वेनेजुएला में आए 7.2 और 7.5 तीव्रता के जुड़वां भूकंपों की याद दिलाती है। उस समय वेनेजुएला में आई त्रासदी में सैकड़ों विशाल इमारतें पूरी तरह जमींदोज हो गई थीं। उस भयंकर आपदा के चलते करीब 5,000 से भी अधिक निरपराध लोगों की जान चली गई थी। वह घटना वेनेजुएला के पिछले 125 वर्षों के लंबे इतिहास का सबसे भयंकर भूकंप माना गया था। उस आपदा ने पूरे दक्षिण अमेरिकी महाद्वीप में सुरक्षा व्यवस्था और प्राकृतिक आपदा प्रबंधन की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे।
कोलंबियाई राष्ट्रपति का प्रभावितों को भरोसा: कोलंबिया के मध्य और पश्चिमी हिस्सों में छोटे झटके या ‘टेम्ब्लोरेस’ आना एक सामान्य बात है, लेकिन 6.0 से अधिक तीव्रता के झटके दुर्लभ होते हैं। याद दिला दें कि 1999 में अर्मेनिया शहर के समीप आए 6.2 तीव्रता के भूकंप ने 1,100 से अधिक लोगों की बलि ले ली थी। वर्तमान स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कोलंबिया के नए राष्ट्रपति एबेलार्डो डे ला एस्प्रिएला ने मोर्चा संभाल लिया है। उन्होंने सोमवार को बयान जारी करते हुए कहा कि सैन होज़े डेल पाल्मार की आपातकालीन स्थिति पर वह स्वयं नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने पीड़ितों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि पूरी सरकार इस कठिन घड़ी में उनके साथ मजबूती से खड़ी है।
विज्ञान के अनुसार रिक्टर स्केल का पैमाना: भूकंपीय घटनाओं और उनकी विनाशात्मक शक्ति की सटीक गणना वैज्ञानिक दृष्टिकोण से हमेशा रिक्टर स्केल के माध्यम से ही की जाती है। यदि रिक्टर स्केल पर माप 4 से 4.9 के बीच हो तो घरों में लटकी या रखी वस्तुएं गिरने लगती हैं। 5 से 5.9 की तीव्रता में भारी भरकम फर्नीचर भी अपने स्थान से खिसक जाता है। 6 से 6.9 की तीव्रता बड़ी से बड़ी इमारतों की नींव तक को आसानी से हिला देती है। वहीं 7 से 7.9 की स्थिति में विशाल इमारतें ताश के पत्तों की तरह ढह जाती हैं, 8 से अधिक में सुनामी की चेतावनी जारी होती है तथा 9 या उससे ऊपर होने पर संपूर्ण विनाश हो जाता है।


























































