उत्तर प्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक में कुल अठारह महत्वपूर्ण प्रस्तावों को आधिकारिक रूप से मंजूरी दी गई है। इन सभी प्रस्तावों में राज्य के बुनियादी ढांचे, शिक्षा व्यवस्था और परिवहन सेवाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया है। कैबिनेट ने विशेष रूप से भारतीय ज्ञान परंपरा को बढ़ावा देने और सड़क नेटवर्क का विस्तार करने वाले प्रस्ताव पास किए हैं। इसके साथ ही महिलाओं की आवासीय सुविधाओं को सुरक्षित और बेहतर बनाने के लिए भी कई बड़े फैसले लिए गए हैं। इन अठारह प्रस्तावों के लागू होने से प्रदेश के विकास को एक नई और तेज गति मिलने की पूरी उम्मीद है।
विंध्य एक्सप्रेस वे का निर्माण: राज्य में सड़क परिवहन को और बेहतर बनाने के लिए विंध्य एक्सप्रेस वे के निर्माण प्रस्ताव को भी मंत्रिपरिषद ने मंजूरी दे दी है। यह नया छह लेन वाला एक्सप्रेस वे होगा, जिसका भविष्य में आठ लेन तक विस्तारीकरण किया जा सकेगा। कुल 333 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेस वे प्रयागराज, भदोही, मिर्जापुर और सोनभद्र जनपदों को एक-दूसरे से जोड़ेगा। इस पूरे एक्सप्रेस वे के निर्माण का काम 36 महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसकी कुल लागत 18514 करोड़ रुपये होगी, जबकि 4613 करोड़ रुपये की लागत से इसके लिए भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा।
विंध्य-पूर्वांचल स्पर लिंक: प्रयागराज में गंगा एक्सप्रेस वे की समाप्ति की जगह से ही इस नए विंध्य एक्सप्रेस वे की शुरुआत की जाएगी। इसके अलावा सरकार ने छह लेन वाले विंध्य-पूर्वांचल स्पर लिंक के निर्माण को भी अपनी स्वीकृति प्रदान की है। 117 किलोमीटर लंबे इस ग्रीनफील्ड लिंक के जरिए गाजीपुर, मिर्जापुर और चंदौली जनपदों को आपस में सम्बद्ध किया जाएगा। इस पूरी परियोजना की लागत 9039 करोड़ रुपये तय की गई है, जिसमें से 5628 करोड़ निर्माण कार्यों के लिए होंगे। वहीं, इस परियोजना के लिए जरूरी 1731 हेक्टेयर भूमि क्रय हेतु 3379 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान है।
महिला छात्रावासों को सौगात: महिला सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए वाराणसी में मुख्यमंत्री श्रमजीवी महिला छात्रावास योजना के तहत प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। यहां 500 महिलाओं की क्षमता वाला एक नया छात्रावास बनाने के लिए 6000 स्क्वायर मीटर निःशुल्क भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। इससे पहले सरकार झांसी, आगरा, मेरठ और गोरखपुर में भी ऐसे छात्रावासों के लिए अपनी सहमति दे चुकी है। इसके अलावा वाराणसी के राज फोर्ट स्थित बसंत महिला महाविद्यालय में भी 112 छात्राओं के लिए एक नया महिला छात्रावास बनेगा। त्वरित आर्थिक विकास योजना के तहत काशी हिंदू विश्वविद्यालय के इस संघठक महाविद्यालय में 248.30 लाख रुपये से निर्माण होगा।
शोधपीठ स्थापना के लिए अनुदान: राज्य के शिक्षा क्षेत्र में भारतीय ज्ञान परंपरा को शिक्षा में समावेशित करने के लिए शोधपीठ स्थापना का प्रस्ताव पास हुआ है। नई शिक्षा नीति 2020 के तहत प्रत्येक महाविद्यालय और विश्वविद्यालय में इस विशेष शोधपीठ की स्थापना के लिए अनुदान दिया जाएगा। विश्वविद्यालय स्तर पर इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए एक करोड़ रुपये का एकमुश्त सरकारी अनुदान प्रदान किया जाएगा। यह अनुदान फिक्स्ड डिपॉजिट के रूप में होगा, जिसके ब्याज से ही शोधपीठ की पूरी कार्यप्रणाली संचालित की जाएगी। इसका लाभ केवल 50 वर्ष पूर्ण कर चुके और 5 हजार से ऊपर छात्र संख्या वाले महाविद्यालय ही ले सकेंगे।
परिवहन और आपातकालीन सेवाएं: राज्य की परिवहन सेवाओं को मजबूत करने के लिए राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों हेतु भी प्रस्ताव को मंजूरी मिली है। निगम के लिए 400 करोड़ रुपये के निर्धारित बजट से कुल 220 नई बसें खरीदी जाएंगी, जिनमें 50 सीटर इलेक्ट्रिक और 42 सीटर बसें होंगी। इसके अलावा आउटसोर्सिंग सेवा निगम के संचालन के लिए शून्य ब्याज दर पर 20 करोड़ रुपये दिए जाने को स्वीकृति मिली है, जिसकी अदायगी पांच वर्ष बाद शुरू होगी। अग्निशमन तथा आपात सेवा के उपयोगार्थ हाई प्रेशर पम्प और एसेसरीज सहित वाटर टेंडर तथा फोम टेंडर के क्रय व निर्माण को मंजूरी दी गई है। इन नए उपकरणों के आने से राज्य की आपातकालीन और अग्निशमन सेवाओं की क्षमता में भारी वृद्धि होगी।

























































