Ayodhya के Ram Mandir में चढ़ावा चोरी के मामले ने अब एक बड़ा राजनीतिक रूप ले लिया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष Akhilesh Yadav ने इस पूरे मामले पर सरकार को जमकर घेरा है। उन्होंने इस मामले की जांच कर रही विशेष जांच दल यानी SIT पर बहुत बड़ा और तीखा हमला बोला है। सपा प्रमुख ने पार्टी मुख्यालय में आयोजित एक प्रेसवार्ता के दौरान जांच के तरीके पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से SIT की जांच के वास्तविक उद्देश्य को ही पूरी तरह से कटघरे में खड़ा कर दिया है।
चोरी में हिस्सेदारी का आरोप: प्रेसवार्ता के दौरान सपा अध्यक्ष ने जांच एजेंसी के संक्षिप्त नाम का एक बिल्कुल नया मतलब निकाला। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि इस मामले में SIT का सीधा मतलब ‘शेयर इन थेफ्ट’ है। इसका हिंदी में अर्थ समझाते हुए उन्होंने इसे ‘चोरी में हिस्सेदारी’ का नाम दिया है। उन्होंने सवाल किया कि क्या जांच दल का मतलब चोरी में हिस्सा है या फिर जनता के विश्वास में सेंध लगाना है। इस तीखे बयान के जरिए उन्होंने सीधे तौर पर सरकार और जांच प्रक्रिया की पारदर्शिता पर अविश्वास जताया है।
बिना एफआईआर की जांच पर सवाल: इस चोरी के मामले में कानूनी कार्रवाई में हो रही देरी पर भी विपक्षी नेता ने गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि बिना आधिकारिक एफआईआर के SIT की यह जांच पूरी तरह से अर्थहीन और बेअसर है। इस स्थिति को समझाने के लिए उन्होंने एक बहुत ही सटीक और तीखा उदाहरण भी पेश किया। उन्होंने कहा कि बिना एफआईआर के SIT की कार्यप्रणाली बिल्कुल वैसी ही है जैसे बिना तीर के कोई कमान हो। उनका यह बयान इस बात को दर्शाता है कि वे मामले में तुरंत सख्त कानूनी कार्रवाई चाहते हैं।
आस्था के साथ बड़ा खिलवाड़: मंदिर में चढ़ावा चोरी के इस पूरे प्रकरण को विपक्षी दल ने एक बहुत बड़ा पाप करार दिया है। सपा प्रमुख ने कहा कि यह कृत्य सीधे तौर पर करोड़ों श्रद्धालुओं की पवित्र आस्था के साथ छेड़छाड़ है। इस मंदिर में देश के हर कोने से लोगों ने अपनी श्रद्धा और क्षमता के अनुसार दान दिया था। उन्होंने याद दिलाया कि इस पवित्र कार्य के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर से भी भारी आर्थिक योगदान आया था। यही कारण है कि चढ़ावे की चोरी का यह विषय समाज के लिए एक बहुत ही ज्यादा संवेदनशील मुद्दा बन गया है।
आठ सौ करोड़ के चढ़ावे का दावा: मंदिर में आए कुल दान की राशि को लेकर भी सपा प्रमुख ने अपना एक बड़ा अनुमान पेश किया है। उन्होंने उत्तर प्रदेश की सभी लोकसभा सीटों का गणित समझाते हुए इस चढ़ावे का एक बड़ा आंकड़ा बताया है। उन्होंने कहा कि अगर प्रदेश के हर लोकसभा क्षेत्र से दस करोड़ रुपये का अनुमान भी लगाया जाए तो राशि बहुत बड़ी होती है। इस गणित के अनुसार प्रभु श्रीराम को लगभग आठ सौ करोड़ रुपये का भारी-भरकम चढ़ावा चढ़ाया गया है। इतनी बड़ी धनराशि की सुरक्षा और उसके सही उपयोग पर उन्होंने प्रशासन को आड़े हाथों लिया है।
जांच एजेंसियों का दिखाया डर: राम मंदिर निर्माण के दौरान बहुत से श्रद्धालुओं ने बिना नाम बताए अपना दान भी दिया था। लोग अपनी गहरी श्रद्धा और विश्वास के चलते अक्सर भगवान को गुप्तदान करना पसंद करते हैं। सपा प्रमुख ने इन्हीं गुप्तदान करने वाले आम लोगों की सुरक्षा और उनकी स्थिति पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि अब अगर कोई भी गुप्तदान करने वाला व्यक्ति अपनी आवाज उठाएगा तो उसे डराया जाएगा। उनके अनुसार, शिकायत करने वाले ऐसे लोगों के घर तुरंत ED और CBI जैसी केंद्रीय एजेंसियां पहुंच जाएंगी।





































