अमेरिका और ईरान के बीच शांति स्थापित करने के लिए लगातार वार्ता की कोशिशें जारी हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने गुरुवार को इस मामले पर एक बहुत बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान के साथ जारी इस युद्ध को खत्म करने के लिए समझौता जरूर करना चाहता है। हालांकि, रुबियो ने यह भी साफ कर दिया कि यह शांति समझौता किसी भी कीमत पर नहीं किया जाएगा। अमेरिका अपनी शर्तों और अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत ही ईरान के साथ कोई अंतिम सहमति बनाएगा।
परमाणु हथियारों पर ट्रंप का बयान: इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर एक अहम दावा किया है। डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की क्षमता पर अपनी राय रखी। ट्रंप का कहना है कि ईरान युद्ध के पहले घंटे में ही परमाणु हथियार का इस्तेमाल आसानी से कर सकता था। हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि अब वर्तमान स्थिति में एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव आ गया है। ट्रंप के अनुसार, ईरान अब परमाणु हथियारों को हासिल नहीं करने की बात पर पूरी तरह सहमत हो गया है।
ईरान ने खारिज किया ट्रंप का विचार: ईरान ने डोनाल्ड ट्रंप के एक खास सुझाव को पूरी तरह से ठुकरा दिया है। ईरान के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाघेरी ग़ालिबाफ़ ने अमेरिका के दावों पर तीखा हमला बोला है। ग़ालिबाफ़ ने कृषि उत्पाद खरीदने के लिए ईरानी पैसे का इस्तेमाल करने के ट्रंप के विचार को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका झूठा दावा करता है कि हमारी अनफ्रीज़ की गई संपत्ति से उनके कृषि उत्पाद खरीदे जाएंगे। ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि वे अपनी संपत्ति का उपयोग अमेरिका की बताई हुई शर्तों पर बिल्कुल नहीं करेंगे।
अविश्वास के दशकों का परिणाम: ईरान के मुख्य वार्ताकार ने X प्लेटफॉर्म पर अपनी बात को बहुत मजबूती से रखा है। ग़ालिबाफ़ ने हाल ही में X पर लिखा कि अमेरिका का यह नया प्रस्ताव उनके लिए बहुत दिलचस्प है। उन्होंने अमेरिका को याद दिलाया कि आज दोनों देशों के बीच जो हालात हैं, वह पुरानी नीतियों का नतीजा है। ग़ालिबाफ़ ने लिखा कि हम तो बस वही फसल काट रहे हैं जो अमेरिका ने इतने सालों में बोई थी। उन्होंने इन खराब होते संबंधों के पीछे अमेरिका द्वारा पैदा किए गए दशकों के अविश्वास को मुख्य कारण बताया।
इजरायल के लिए ईरान की चेतावनी: ईरान और अमेरिका के बीच जारी इस तनाव का असर दूसरे देशों पर भी काफी पड़ रहा है। इसी बीच, ईरान ने इजरायल को भी एक बहुत ही कड़ी और स्पष्ट चेतावनी दे दी है। ईरान ने इजरायल को कड़े शब्दों में संबोधित करते हुए कहा है कि वह तुरंत लेबनान की धरती को छोड़ दे। ईरान ने साफ कहा है कि लेबनान नहीं छोड़ने पर इजरायल को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। चेतावनी में कहा गया है कि इजरायल ऐसा न करने पर एक बेहद शर्मनाक हार का सामना करने के लिए तैयार रहे।
शांति समझौते की राह में मुश्किलें: तमाम बयानों और धमकियों के बीच शांति वार्ता का भविष्य अभी भी बहुत अनिश्चित नजर आ रहा है। एक तरफ अमेरिका टोल वसूली जैसी किसी भी अनुचित शर्त को मानने से साफ इनकार कर रहा है। वहीं दूसरी तरफ ईरान भी अमेरिका के सभी दावों और प्रस्तावों को लगातार खारिज कर रहा है। होर्मुज में जहाजों पर हो रहे हमलों ने इस पूरी स्थिति को और भी ज्यादा तनावपूर्ण बना दिया है। इन सभी हालातों को देखकर लगता है कि दोनों देशों के बीच कोई भी समझौता होना अभी बहुत मुश्किल है।





































