अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के चर्चित मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस ने शिकायतकर्ता के साथ ही Champat Rai का भी आधिकारिक बयान इस मामले में दर्ज कर लिया है। अधिकारियों के अनुसार पुलिस ने यह बयान दर्ज किया है और इसे अभी पूछताछ की श्रेणी में नहीं रखा है। बयान विटनेस यानी गवाह के तौर पर भी दर्ज किए जाते हैं, जो इस मामले की कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है। इस पूरी जांच के दौरान पुलिस को अब तक करीब 140 लोगों के बयान दर्ज करने की आवश्यकता है।
नोटिस जारी होने की संभावना: यूपी पुलिस के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अयोध्या पुलिस इस मामले में कुछ प्रमुख लोगों को नोटिस जारी कर सकती है। जांच को उसके सही अंजाम तक पहुंचाने के लिए पुलिस कई महत्वपूर्ण लोगों से विस्तार से पूछताछ करने की योजना बना रही है। जिस तरह एसआईटी ने पूर्व में सभी से पूछताछ की थी, उसी तर्ज पर अयोध्या पुलिस भी सभी के बयान रिकार्ड करेगी। इस प्रक्रिया से जांच को पुख्ता बनाने और दोषियों को चिन्हित करने में पुलिस को काफी मदद मिलेगी। यह कदम मामले की पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की दिशा में एक बहुत ही महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।
ट्रस्ट से जुड़े लोगों की भूमिका: मामले की गंभीरता को देखते हुए ट्रस्ट से जुड़े कई लोगों की भूमिका पर भी पुलिस की पैनी नजर बनी हुई है। Champat Rai श्री राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव हैं और उनसे जानकारी ली जा चुकी है। वहीं अनिल मिश्रा जो कि पूर्व ट्रस्टी हैं और गोपाल राव भी ट्रस्ट से जुड़े हैं, जिनके बयान अभी दर्ज होने बाकी हैं। इसके अलावा दान की गिनती करने वाले कर्मचारियों और दान को बैंक तक ले जाने वाले लोगों से भी पूछताछ होगी। पुलिस बैंक कर्मियों और सुरक्षा गार्डों के भी बयान दर्ज करेगी ताकि लेनदेन की पूरी सच्चाई सामने आ सके।
दस स्थानों पर हुई छापेमारी: अयोध्या पुलिस ने इस मामले की गहन जांच के लिए रविवार को कुल 10 अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की कार्रवाई की। यह छापेमारी की प्रक्रिया करीब 6 से 8 घंटे तक चली जिसमें पुलिस को कई महत्वपूर्ण जानकारियां हासिल हुई हैं। छापेमारी के बाद कई आरोपियों के परिवार के लोगों को हिरासत में लेकर उनसे विस्तृत पूछताछ अभी भी की जा रही है। जांच में पुलिस को कुछ कैश, गहने, रजिस्ट्री एग्रीमेंट, बैंक की पासबुक और ज्वेलरी के बिल बरामद हुए हैं। इन सबूतों के आधार पर पुलिस मामले की कड़ियां जोड़ने का प्रयास कर रही है जो जांच में काफी सहायक हैं।
नई संपत्तियों का खुलासा: छापेमारी के दौरान पुलिस को आरोपियों द्वारा बनाई गई कई नई संपत्तियों के बारे में भी ठोस जानकारी हाथ लगी है। जांच में पता चला है कि आरोपियों ने ये संपत्तियां अपने परिवार के लोगों के नाम पर खरीदी हुई हैं। इसे लेकर पुलिस की टीम लगातार जांच कर रही है और वित्तीय लेनदेन का पूरा ब्यौरा खंगाल रही है। पुलिस का मानना है कि इन संपत्तियों का कनेक्शन सीधे तौर पर मंदिर के चंदे की चोरी से जुड़ा हो सकता है। पुलिस इस बात का पता लगा रही है कि इन संपत्तियों को खरीदने के लिए धन का स्रोत क्या रहा है।
आरोपियों की कोर्ट में पेशी: इस मामले में गिरफ्तार किए गए 8 आरोपियों को आज स्थानीय कोर्ट के समक्ष पेश किया जाएगा। पुलिस की ओर से इन सभी आठों आरोपियों को अपनी रिमांड पर लेने की पूरी कोशिश की जाएगी। रिमांड मिलने के बाद पुलिस इनसे गहराई से पूछताछ करेगी ताकि मामले से जुड़ी और भी परतें खोली जा सकें। आठों आरोपियों के घर पर की गई छापेमारी में पुलिस को पहले ही कई अहम सबूत मिल चुके हैं। पुलिस अब उन साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्यवाही और चार्जशीट तैयार करने की प्रक्रिया में जुटी है।





































