सनातन धर्म में हरियाली तीज का पर्व बेहद पवित्र, आनंददायक और पावन माना जाता है। यह त्योहार मुख्य रूप से पति-पत्नी के रिश्ते में अगाध प्रेम, सुख, समृद्धि और आपसी सामंजस्य को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मनाया जाता है। यदि किसी कारणवश पति-पत्नी के मध्य अनबन, तनाव, वैचारिक मतभेद या दूरियां उत्पन्न हो गई हों, तो हरियाली तीज का दिन इन समस्याओं के निवारण के लिए अत्यंत फलदायी माना गया है।
वर्ष 2026 में 15 अगस्त को मनाए जाने वाले इस पावन पर्व पर महादेव और माता पार्वती की कृपा प्राप्त करने तथा दांपत्य जीवन को सुखमय बनाने का विस्तृत विवरण एवं विशेष उपाय यहाँ प्रस्तुत है।
हरियाली तीज 2026: तिथि एवं धार्मिक महत्व
हरियाली तीज का पर्व मुख्य रूप से भगवान शिव और माता पार्वती के पुनर्मिलन की पावन स्मृति में मनाया जाता है।
- पर्व की तिथि: 15 अगस्त 2026 (शनिवार)
- पूज्य देवी-देवता: भगवान शिव एवं माता पार्वती
- मुख्य क्षेत्र: उत्तर एवं पश्चिम भारत में यह पर्व विशेष उल्लास, उत्साह और उमंग के साथ मनाया जाता है।
धार्मिक मान्यताएं:
- सुहागिन महिलाओं के लिए: सुहागिन स्त्रियां अपने पति की दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य और वैवाहिक जीवन में अखंड सौभाग्य की प्राप्ति के लिए निर्जला व्रत रखकर विधि-विधान से पूजन करती हैं।
- कुंवारी कन्याओं के लिए: अविवाहित कन्याएं योग्य, मनचाहा वर प्राप्त करने तथा विवाह के मार्ग में आ रही सभी प्रकार की बाधाओं व विलंब को समाप्त करने की कामना से यह व्रत रखती हैं।
दांपत्य जीवन में तनाव व मनमुटाव के कारण
कई बार पारिवारिक जीवन में बिना किसी ठोस कारण के अचानक गलतफहमियां, चिड़चिड़ापन, मानसिक तनाव और दूरियां बढ़ने लगती हैं। ज्योतिषीय व वास्तु दृष्टिकोण से ऐसा घर में नकारात्मक ऊर्जा के प्रभाव या ग्रहों की प्रतिकूल स्थिति के कारण हो सकता है।
हरियाली तीज का दिन प्रकृति और आध्यात्मिक ऊर्जा के संतुलन का दिन होता है। इस दिन शास्त्रों में बताए गए सरल और सटीक उपायों को करने से दांपत्य संबंध पुनः मधुर और प्रेमपूर्ण हो जाते हैं।
हरियाली तीज पर कपूर व लौंग का महाउपाय
यदि पति-पत्नी के बीच लंबे समय से तनाव चल रहा हो, तो हरियाली तीज की संध्या को भीमसेनी कपूर और लौंग का यह अचूक उपाय अवश्य करना चाहिए:
आवश्यक सामग्री:
- शुद्ध भीमसेनी कपूर का एक टुकड़ा
- 7 साबुत लौंग (ध्यान रहे कि लौंग का फूल टूटा या खंडित न हो)
- पूजा का दीपक या पीतल की कटोरी
- रुद्राक्ष की माला (मंत्र जाप हेतु)
उपाय करने की सम्पूर्ण एवं क्रमबद्ध विधि
1. पूजन स्थल की तैयारी
हरियाली तीज के दिन सूर्यास्त के समय (प्रदोष काल) स्वच्छ वस्त्र धारण करें। अपने घर के मंदिर या पूजन स्थल में भगवान शिव और माता पार्वती की प्रतिमा के सामने भीमसेनी कपूर का टुकड़ा एक दीपक या पात्र में रखें।
2. संकल्प और प्रार्थना
अपने दाहिने हाथ में सातों अखंडित लौंग लें। अपनी आँखें बंद करके महादेव और माता पार्वती का ध्यान करें। अपने दांपत्य जीवन से तनाव, क्लेश और नकारात्मकता को दूर करने तथा परस्पर प्रेम, विश्वास और मधुरता बढ़ाने की सच्चे मन से प्रार्थना करें।
3. मंत्र जाप की प्रक्रिया
हाथ में लौंग लिए हुए ही रुद्राक्ष की माला से ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का 11 माला (1188 बार) श्रद्धापूर्वक जाप करें। यदि 11 माला संभव न हो, तो पूरी एकाग्रता के साथ अधिकतम जाप अवश्य करें।
4. प्रज्वलन व धूप दर्शन
मंत्र जाप पूर्ण होने के पश्चात सातों लौंग को भीमसेनी कपूर के ऊपर रख दें और कपूर को प्रज्वलित कर दें। जब कपूर और लौंग जलने लगे और उनसे सुगंधित धुआं निकलने लगे, तो उस पात्र को उठाकर पूरे घर में घुमाएं।
नकारात्मकता निवारण व अंतिम प्रक्रिया
- ऊर्जा का शोधन: कपूर और लौंग के पवित्र धुएं से घर के वातावरण में व्याप्त समस्त नकारात्मक ऊर्जा, वास्तु दोष और कलह पैदा करने वाली शक्तियां समाप्त हो जाती हैं।
- आचमन व जल अर्पण: जब कपूर पूरी तरह शांत (बुझ) हो जाए, तो थोड़ा सा जल अपने दाहिने हाथ की हथेली में लें। इस जल को शांत हुए दीपक या पात्र के ऊपर से तीन बार गोलाकार (क्लॉकवाइज) घुमाएं और फिर जल को साफ भूमि या पौधे के गमले में अर्पित कर दें।
- समापन प्रार्थना: अंत में हाथ जोड़कर महादेव और जगद्जननी मां पार्वती से अपने परिवार में सुख-शांति, समृद्धि और दांपत्य जीवन में आजीवन प्रेम बनाए रखने की अंतिम प्रार्थना करें तथा 5 बार ‘ॐ नमः शिवाय’ का उच्चारण करें।
इस उपाय से घर का वातावरण सकारात्मक ऊर्जा से भर जाता है और पति-पत्नी के बीच आपसी तालमेल व प्रेम पुनः स्थापित होने लगता है।


























































