अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों ने अब अंतरराष्ट्रीय स्तर के खतरनाक गैंगस्टर्स को चारों तरफ से घेरना और उन पर कार्रवाई करना पूरी तरह शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में आगे बढ़ते हुए एफबीआई ने जग्गू भगवानपुरिया गैंग के एक बेहद शातिर गैंगस्टर नीतीश कौशल को अपनी मोस्ट वांटेड अपराधियों की सूची में जगह दी है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, इस गैंगस्टर पर संयुक्त राज्य अमेरिका में एक बड़े अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध सिंडिकेट का हिस्सा होने के पुख्ता सबूत मिले हैं। इस कुख्यात सिंडिकेट का सक्रिय सदस्य बनकर वह लंबे समय से अमेरिका की आंतरिक सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बना हुआ था।
विदेशी नेटवर्क का पर्दाफाश जांच एजेंसी एफबीआई की रिपोर्ट के अनुसार, गैंगस्टर नीतीश कौशल जिस आपराधिक सिंडिकेट के लिए काम करता है, वह समाज में कई प्रकार के गंभीर अपराधों को अंजाम देता है। यह सिंडिकेट मुख्य रूप से सुपारी देकर हत्या करने, अपहरण, अवैध ड्रग तस्करी, रंगदारी वसूलने, हथियारों की तस्करी, मनी लॉन्ड्रिंग और मानव तस्करी जैसी अवैध गतिविधियों में लिप्त है। सुरक्षा एजेंसियों की जांच के मुताबिक, जग्गू भगवानपुरिया गैंग के इस संगठित अपराध समूह का मुख्य केंद्र बिंदु भारत का पंजाब क्षेत्र रहा है। वहां से पनपने के बाद इस गैंग ने अपना जाल अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य सहित कई अन्य यूरोपीय देशों में भी फैला लिया है।
कैलिफोर्निया कोर्ट का वारंट गैंगस्टर नीतीश कौशल पर यह संगीन आरोप है कि उसने जग्गू भगवानपुरिया गैंग के इशारे पर कई लोगों का अपहरण किया, उन पर हिंसक हमले किए और कई अन्य वारदातों को अंजाम दिया। इन सभी अपराधों के मद्देनजर, 25 जून 2026 को अमेरिका के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट ऑफ कैलिफोर्निया की संघीय अदालत ने गैंगस्टर नीतीश कौशल के खिलाफ एक कानूनी गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। संघीय अदालत में उस पर विशेष रूप से रैकेटियर इन्फ्लुएंस्ड एंड करप्ट ऑर्गेनाइजेशन्स कॉन्सपिरेसी के तहत एक बड़ा मुकदमा पंजीकृत किया गया है। कोर्ट के इस कड़े रुख के बाद से ही उसे पकड़ने के लिए अमेरिकी खुफिया एजेंसियां पूरी तरह से सक्रिय हो चुकी हैं।
सख्त अंतरराष्ट्रीय घेराबंदी इस बड़ी कानूनी कार्रवाई से ठीक पहले, एफबीआई ने अपने एक विशेष मिशन के तहत अमेरिका, कनाडा और यूरोप के देशों में जग्गू भगवानपुरिया गैंग के विरुद्ध एक बहुत बड़ा मोर्चा खोला था। इस बड़े पैमाने पर की गई छापेमारी के बाद जग्गू भगवानपुरिया गैंग के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े कई अपराधियों को कानून के दायरे में लाया गया था। अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियां अब इस पूरे अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को जड़ से समाप्त करने के लिए लगातार अपनी जांच का दायरा बढ़ा रही हैं। इसी क्रम में नीतीश कौशल को मोस्ट वांटेड घोषित करना इस गैंग के खिलाफ की जा रही सख्त घेराबंदी का ही एक हिस्सा है।
छापेमारी में भारी जब्ती आपको बताते चलें कि एफबीआई ने इस खूंखार इंटरनेशनल क्राइम सिंडिकेट को खत्म करने के लिए जो अभियान चलाया है, उसे आधिकारिक रूप से ‘ऑपरेशन हार्ड बॉल’ का नाम दिया गया है। इस विशेष ऑपरेशन के तहत, एफबीआई और दुनिया भर में मौजूद उसके जांच एजेंट्स ने अमेरिका, कनाडा और पूरे यूरोप में करीब 50 से भी अधिक ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की थी। इस विशालकाय कार्रवाई के दौरान कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने भारी मात्रा में समाज के लिए खतरनाक और पूरी तरह से प्रतिबंधित सामान को अपने कब्जे में ले लिया था। इस पूरी छापेमारी के दौरान सुरक्षा बलों को भारी मात्रा में नशीली ड्रग्स भी बरामद करने में सफलता मिली थी।
गैंग के खिलाफ चार्जशीट इस कार्रवाई से पूर्व, अमेरिका की ग्रैंड ज्यूरी ने संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा, मेक्सिको और भारत तक फैले इस कथित अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क का एक बहुत बड़ा भंडाफोड़ किया था। ग्रैंड ज्यूरी ने इस मामले की गहन तफ्तीश करने के बाद मुख्य सरगना जग्गू भगवानपुरिया सहित उसके कई गुर्गों पर बहुत ही संगीन आरोप लगाए थे। अदालत में पेश की गई आधिकारिक चार्जशीट में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ड्रग तस्करी, अवैध हथियारों के व्यापार, रंगदारी और जघन्य हत्या की साजिश रचने जैसे गंभीर आरोपों को शामिल किया गया है। इस प्रकार अमेरिका से लेकर कनाडा और मेक्सिको तक फैले जग्गू भगवानपुरिया गैंग का पूरा ड्रग सप्लाई नेटवर्क अब ध्वस्त होने की कगार पर है।


























































