तेल अवीव से आ रही रिपोर्टों के अनुसार, दक्षिणी लेबनान में हुई ताजा इजरायली एयरस्ट्राइक के बाद इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच सैन्य संघर्ष काफी तेज हो गया है। इजरायली प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने सोशल मीडिया पर आधिकारिक बयान जारी करते हुए बताया कि हिजबुल्लाह ने सुरक्षा क्षेत्र में तैनात इजरायली सैनिकों पर हमला किया। इस अचानक हुए हमले में इजरायल के 3 सैनिक गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना के तुरंत बाद प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सेना को सख्त कार्रवाई का आदेश दिया। इसके जवाब में इजरायली रक्षा बल (IDF) ने सीधे उस हिजबुल्लाह मुख्यालय को निशाना बनाकर भारी एयरस्ट्राइक की, जहां से हमले के आदेश दिए गए थे।
मानव ढाल के इस्तेमाल पर इजरायल का बयान: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने बताया कि सैन्य कार्रवाई के बाद सेना को पता चला कि उस ठिकाने पर नागरिक भी मौजूद थे। इजरायल का सीधा आरोप है कि हिजबुल्लाह जानबूझकर आम नागरिकों को ‘मानव ढाल’ के रूप में इस्तेमाल कर रहा है। इजरायल के अनुसार, हिजबुल्लाह ऐसा इसलिए करता है ताकि बाद में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इजरायल पर निर्दोष नागरिकों को मारने का आरोप लगाया जा सके। IDF के अनुसार, दक्षिणी लेबनान के अंसार क्षेत्र में हिजबुल्लाह की रदवान फोर्स के केंद्रीय मुख्यालय पर यह हमला किया गया था। इस हमले में रदवान फोर्स का बटालियन कमांडर अली समीर अल-हाज हसन और उसके कई साथी मारे गए।
अमेरिकी राजदूत ने भी हिजबुल्लाह को घेरा: इजरायली सेना (IDF) ने स्पष्ट किया कि कमांडर अली समीर अल-हाज हसन अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार पूरी तरह से एक वैध सैन्य लक्ष्य था। सेना ने बताया कि हसन का परिवार भी उस समय मुख्यालय में मौजूद था और इस हमले में वे भी मारे गए। इजरायल ने हसन पर अपने परिवार को मानव ढाल बनाने का आरोप लगाया और कहा कि वे सेना का सीधा लक्ष्य नहीं थे। इस मुद्दे पर इजरायल में अमेरिकी राजदूत माइक हकाबी ने भी हिजबुल्लाह की कड़ी निंदा की। माइक हकाबी ने कहा कि ईरान समर्थित यह संगठन इजरायली सैनिकों पर हमला करके ऐसी स्थिति बनाता है जिससे जवाबी कार्रवाई हो और वे बच्चों को भी जानबूझकर खतरे में डालते हैं।
नेतन्याहू पर हिजबुल्लाह के राजनीतिक आरोप: दूसरी ओर, हिजबुल्लाह ने इस इजरायली सैन्य कार्रवाई को ‘आक्रामकता बढ़ाने वाला कदम’ करार दिया और इसकी तीव्र भर्त्सना की। संगठन का दावा है कि इजरायल ने अंसार गांव के बाहरी इलाके के एक मकान और दीर अल-जहरानी गांव की एक इमारत पर बमबारी की। हिजबुल्लाह ने आरोप लगाया कि इजरायल लगातार अपने हमलों का दायरा बढ़ा रहा है और तनाव फैलाने की कोशिश में जुटा है। संगठन ने नेतन्याहू पर निशाना साधते हुए कहा कि वे अपने राजनीतिक हित साधने के लिए ऐसा कर रहे हैं। हिजबुल्लाह का आरोप है कि नेतन्याहू अपने देश में दक्षिणपंथी धड़े को खुश करने और घरेलू राजनीतिक समर्थन पाने के लिए युद्ध को भड़का रहे हैं।
लेबनान सरकार से हिजबुल्लाह की अपील: बढ़ते तनाव के बीच हिजबुल्लाह ने लेबनान सरकार से इजरायली हमलों को रोकने के लिए ठोस और प्रभावी रास्ते तलाशने की अपील की है। इसके साथ ही हिजबुल्लाह ने इजरायल के साथ किसी भी प्रकार की सीधी बातचीत की प्रक्रिया की सख्त आलोचना की है। लेबनान में इजरायली हमलों का सिलसिला लगातार जारी है, जिससे वहां स्थितियां अत्यधिक संवेदनशील हो चुकी हैं। हिजबुल्लाह ने स्पष्ट किया है कि इजरायल का यह आक्रामक रुख क्षेत्रीय शांति के लिए बेहद खतरनाक साबित हो रहा है। संगठन का मानना है कि इजरायल बातचीत के रास्ते बंद करके केवल सैन्य बल के प्रयोग पर जोर दे रहा है, जिससे दोनों तरफ भारी नुकसान हो रहा है।
लेबनानी राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री का कड़ा रुख: लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम और राष्ट्रपति जोसेफ आउन ने दक्षिणी लेबनान में हुए इन इजरायली सैन्य हमलों की एक सुर में निंदा की। प्रधानमंत्री सलाम ने कहा कि ऐसे लगातार हमले दक्षिणी लेबनान में शांति और स्थिरता स्थापित करने के प्रयासों को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचा रहे हैं। नवीनतम प्राप्त रिपोर्टों के अनुसार, दक्षिणी लेबनान में हुए इन इजरायली हमलों में कुल 11 लोगों की जान चली गई है। लेबनान सरकार ने दुख व्यक्त करते हुए बताया कि इन मृतकों में अंसार में मारे गए 3 निर्दोष बच्चे और 2 महिलाएं भी शामिल हैं। लेबनानी अधिकारियों ने कहा कि महिलाएं और बच्चे किसी भी स्थिति में सैन्य लक्ष्य नहीं हो सकते।
















































