1. बड़े मंगल का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व हिंदू धर्म और वैदिक मान्यताओं में ज्येष्ठ माह के दौरान आने वाले मंगलवार का एक अत्यंत विशिष्ट और पवित्र स्थान है। इस पूरे महीने में पड़ने वाले सभी मंगलवारों को ‘बड़े मंगल’ के नाम से जाना जाता है। इस पावन अवसर पर संकटमोचन हनुमान जी की विशेष रूप से आराधना और पूजा की जाती है। पंचांग के अनुसार, 9 जून को छठा बड़ा मंगल मनाया जा रहा है, जबकि अधिक ज्येष्ठ महीने का अंतिम बड़ा मंगल 23 जून को पड़ेगा। यद्यपि प्रत्येक मंगलवार को हनुमान जी की पूजा का विधान है, परंतु जो श्रद्धालु समयाभाव के कारण हर सप्ताह पूजा नहीं कर पाते, उनके लिए ज्येष्ठ मास का यह अवसर अत्यंत फलदायी और विशेष होता है। इस दिन सच्चे मन से की गई उपासना से न केवल भगवान की कृपा प्राप्त होती है, बल्कि जीवन की बड़ी से बड़ी समस्याओं का निवारण भी हो जाता है।
2. जीवन की विभिन्न समस्याओं के निवारण हेतु बड़े मंगल के अचूक उपाय ज्येष्ठ माह के इस पवित्र अवसर पर अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति और संकटों के नाश के लिए कुछ विशेष और सिद्ध उपाय किए जा सकते हैं। समस्याओं के आधार पर ये उपाय निम्नलिखित हैं:
- रुके हुए कार्यों की सिद्धि के लिए: यदि आपका कोई महत्वपूर्ण कार्य लंबे समय से अटका हुआ है, तो एक मौली (कलावा) लेकर हनुमान जी के मंदिर जाएं। मौली को प्रभु के चरणों में अर्पित करें और उनके चरणों का सिंदूर अपने माथे पर लगाएं। इसके पश्चात, उस मौली में से एक लंबा धागा निकालकर अपनी कलाई पर बांध लें और शेष मौली को मंदिर में ही छोड़ दें।
- संतान सुख की प्राप्ति के लिए: स्नान आदि से निवृत्त होकर एक जटा वाला नारियल और सवा मीटर लाल कपड़ा लें। लाल कपड़े को नारियल पर अच्छी तरह लपेटकर हनुमान जी के मंदिर में अर्पित करें। इसके बाद मंदिर या घर के किसी पवित्र स्थान पर बैठकर ‘हनुमनाष्टक’ का श्रद्धापूर्वक पाठ करें।
- बच्चों का डर दूर करने के लिए: यदि आपका बच्चा रात में सोते समय अचानक डर जाता है या अजनबियों से मिलने में घबराता है, तो भगवान हनुमान को केसरिया सिंदूर अर्पित करें। तदुपरांत, भगवान के चरणों से थोड़ा सा सिंदूर लेकर बच्चे के माथे पर तिलक लगाएं।
- कार्यों में निरंतर सफलता के लिए: एक सफेद कोरा कागज और केसरिया सिंदूर लें। सिंदूर में थोड़ा सा चमेली का तेल मिलाएं और उससे कागज पर 11 बार ‘राम’ नाम लिखें। इस कागज को अच्छी तरह सुखा लें और फिर मोड़कर हमेशा अपने पर्स में रखें।
- सुख-समृद्धि और बुरी नजर से बचाव के लिए: परिवार को नकारात्मक ऊर्जा से बचाने और घर में बरकत लाने के लिए एक छोटा मिट्टी का बर्तन लें। इसे शुद्ध शहद से भरें और ढक्कन लगाकर हनुमान जी के मंदिर में सुरक्षित रख आएं।
- व्यापारिक बाधाएं दूर करने के लिए: नए व्यापार में आ रही कठिनाइयों से मुक्ति पाने के लिए प्रातः स्नान के बाद ‘आक’ (मदार) के पौधे के पास जाएं और रोली, अक्षत (चावल) आदि से उसकी विधि-विधान पूर्वक पूजा करें।
- सफलता को स्थायी बनाए रखने के लिए: अपने कार्यों की सफलता को बरकरार रखने हेतु सुबह स्नान करने के बाद नीम के वृक्ष को प्रणाम करें और उसकी जड़ों में शुद्ध जल अर्पित करें।
- उच्चाधिकारियों से संबंध सुधारने के लिए: कार्यक्षेत्र में अधिकारियों से मधुर संबंध स्थापित करने के लिए किसी लोहार की दुकान से लोहे की कोई वस्तु खरीद कर लाएं। इस लोहे की वस्तु को अपने घर की पश्चिम दिशा में सुरक्षित स्थान पर रख दें।
- वैवाहिक जीवन की परेशानियों के लिए: दांपत्य जीवन में आ रही किसी भी प्रकार की कड़वाहट या परेशानी को दूर करने के लिए काला सुरमा लें और इसे घर से दूर किसी सुनसान या वीरान स्थान पर जाकर जमीन में दबा दें।
- स्पष्ट अभिव्यक्ति और वाणी दोष के निवारण के लिए: यदि आप अपनी बात दूसरों के सामने स्पष्ट रूप से नहीं रख पाते हैं, तो एक पान का पत्ता लें और उस पर थोड़ा सा कत्था लगाएं। पान को मोड़कर एक सफेद कोरे कागज में लपेटें और हनुमान जी के चरणों में अर्पित कर दें।
- भाई-बहनों में प्रेम बढ़ाने के लिए: पारिवारिक रिश्तों, विशेषकर भाई-बहनों के बीच मनमुटाव दूर करने और स्नेह बढ़ाने के लिए हनुमान जी को मीठी बूंदी का भोग लगाएं और हाथ जोड़कर प्रेम भाव बनाए रखने की प्रार्थना करें।
- घर में सुख और धन-धान्य के लिए: पारिवारिक उन्नति और घर की समग्र सुख-समृद्धि में वृद्धि के लिए तांबे की कोई वस्तु या तांबे का एक छोटा सा शुद्ध टुकड़ा हनुमान जी के मंदिर में श्रद्धापूर्वक चढ़ाएं।





































