अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में इस साल का सबसे बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव होने जा रहा है। इतिहास में पहली बार इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में कुल अड़तालीस टीमें हिस्सा लेने वाली हैं। इस बार विश्व कप की मेजबानी का जिम्मा तीन प्रमुख देशों के पास सुरक्षित है। यह भव्य टूर्नामेंट आगामी ग्यारह जून से लेकर उन्नीस जुलाई तक पूरी दुनिया में खेला जाएगा। टीमों की संख्या अधिक होने के कारण इसे फुटबॉल इतिहास का सबसे बड़ा टूर्नामेंट माना जा रहा है।
रिकॉर्ड मैचों का होगा भव्य आयोजन: इस बड़े और विस्तृत टूर्नामेंट के दौरान कुल सोलह अलग-अलग शहरों को चुना गया है। इन सभी प्रमुख और तय स्थानों पर रिकॉर्ड एक सौ चार रोमांचक मैच खेले जाएंगे। खेल के इस नए प्रारूप के कारण दर्शकों को पहले की तुलना में बहुत अधिक मुकाबले देखने को मिलेंगे। मैचों की संख्या ज्यादा होने से टूर्नामेंट का नॉकआउट स्टेज भी काफी लंबा और दिलचस्प होने वाला है। इस बेहतरीन बदलाव के कारण फुटबॉल प्रशंसकों को टीमों के बीच एक कड़ा और लंबा संघर्ष देखने को मिलेगा।
ग्रुप स्टेज का नया और बड़ा प्रारूप: इस बार पूरे टूर्नामेंट में अड़तालीस टीमों को चार-चार के बारह अलग-अलग ग्रुप्स में बांटा गया है। टूर्नामेंट के इस शुरुआती चरण में हर एक टीम को अपने ग्रुप में तीन-तीन मैच खेलने का मौका मिलेगा। सभी ग्रुप्स से शीर्ष पर रहने वाली दो बेहतरीन टीमें सीधे अगले नॉकआउट राउंड में प्रवेश करेंगी। इसके अतिरिक्त तीसरे स्थान पर रहने वाली आठ सबसे अच्छी टीमों को भी आगे बढ़ने का शानदार अवसर मिलेगा। इस नई व्यवस्था के चलते नॉकआउट स्टेज में कुल बत्तीस टीमें अपनी जगह पक्की करने में सफल हो पाएंगी।
बत्तीस टीमों का रोमांचक नॉकआउट सफर: इस अहम और बड़े बदलाव के कारण राउंड ऑफ बत्तीस की एक बिल्कुल नई शुरुआत होने जा रही है। नॉकआउट स्टेज में ज्यादा टीमें होने से विश्व कप के खिताब तक पहुंचने का सफर अब पहले से अधिक लंबा होगा। जो भी दो बेहतरीन टीमें इस बार फाइनल में पहुंचेंगी उन्हें अपना आठवां मुकाबला मैदान पर खेलना पड़ेगा। पहले के सभी विश्व कप आयोजनों में फाइनल खेलने वाली टीमों को केवल सात मैच ही खेलने पड़ते थे। यह विश्व कप का सबसे बड़ा महामुकाबला उन्नीस जुलाई को न्यू जर्सी के विशाल मेटलाइफ स्टेडियम में आयोजित किया जाएगा।
उद्घाटन मैच की अहम और विशेष जानकारी: इस फुटबॉल महाकुंभ का सबसे पहला और शानदार मैच ग्यारह जून को विधिवत रूप से शुरू होगा। भारतीय समयानुसार इस अहम और पहले मैच की शुरुआत बारह जून की रात को की जाएगी। यह बहुप्रतीक्षित उद्घाटन मुकाबला मेजबान देश मैक्सिको और मजबूत साउथ अफ्रीका के बीच मैदान में खेला जाएगा। इस ऐतिहासिक और बड़े मैच का आयोजन मैक्सिको सिटी के बेहद प्रसिद्ध एस्टाडियो एज्टेका स्टेडियम में होना तय हुआ है। भारतीय समयानुसार यह पहला और महत्वपूर्ण मुकाबला रात के बारह बजकर तीस मिनट पर लाइव प्रसारित किया जाएगा।
भारतीय दर्शकों के लिए समय और मैचों की स्थिति: भारत और मेजबान देशों के टाइम जोन में भारी अंतर होने के कारण मैच काफी देर रात शुरू होंगे। भारतीय फुटबॉल प्रेमियों को यह मैच देखने के लिए रात साढ़े बारह, साढ़े तीन और सुबह साढ़े छह बजे तक जागना होगा। इन तय समयों के अलावा कुछ अन्य चुनिंदा रोमांचक मुकाबले सुबह साढ़े सात बजे से भी दिखाए जाएंगे। यह बहुत ही निराशाजनक है कि भारत की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम इस बार के विश्व कप के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाई है। इसी मुख्य कारण से भारतीय खेल प्रेमियों को अपनी घरेलू टीम इस बड़े और ऐतिहासिक टूर्नामेंट में खेलती हुई नजर नहीं आएगी।





































