नेपाल के सुनसारी जिले में रविवार रात को हुए भारी बवाल के बाद स्थानीय प्रशासन ने बहुत ही सख्त कदम उठाए हैं। जिले में हुई इस सांप्रदायिक झड़प की गंभीरता को देखते हुए अधिकारियों ने सोमवार से इलाके में कड़ी पाबंदियां लागू कर दी हैं। सुनसारी जिला प्रशासन कार्यालय द्वारा जारी किए गए आधिकारिक आदेश के अनुसार यह अनिश्चितकालीन पाबंदियां इलाके के कुछ हिस्सों में लगाई गई हैं। प्रशासन कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सोमवार की सुबह सात बजे से ही ये सभी पाबंदियां प्रभावी हो गई हैं। इलाके में शांति व्यवस्था को पूरी तरह से बहाल करने के लिए प्रशासन द्वारा अगले आदेश तक ये पाबंदियां लगातार लागू रहेंगी।
पांच बाजार क्षेत्रों में पाबंदी प्रशासन द्वारा लगाई गई इन नई पाबंदियों का असर जिले के सबसे अहम और भीड़भाड़ वाले व्यावसायिक इलाकों पर पड़ा है। यह पूरा सुनसारी जिला नेपाल के कोशी प्रांत के अंतर्गत आता है जहां अब सुरक्षा का कड़ा पहरा लगा दिया गया है। पाबंदियों के इस नए आदेश में कोशी प्रांत में स्थित इस जिले के पांच प्रमुख बाजार क्षेत्रों को मुख्य रूप से शामिल किया गया है। इन पांचों बाजार क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की व्यावसायिक या सार्वजनिक गतिविधियों पर प्रशासन की तरफ से पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। बिहार सीमा से सटे होने के कारण यह एक कमर्शियल कॉरिडोर है इसलिए यहां पाबंदियां लगाना शांति के लिए बहुत जरूरी था।
सार्वजनिक जमावड़े पर पूरी रोक प्रशासन ने इन पाबंदियों के तहत प्रभावित इलाकों में आम लोगों की आवाजाही और जमावड़े को लेकर सख्त नियम बनाए हैं। नए नियमों के अनुसार हिंसा से प्रभावित इन सभी इलाकों में एक साथ चार से ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। इसके साथ ही किसी भी संगठन या समुदाय द्वारा इलाके में किसी भी प्रकार का प्रदर्शन करने पर भी सख्त पाबंदी है। शांति का माहौल बनाए रखने के लिए प्रशासन ने किसी भी तरह की सार्वजनिक बैठकें करने की भी अनुमति बिल्कुल नहीं दी है। सड़कों पर या किसी भी सार्वजनिक स्थान पर धरने पर बैठने जैसी गतिविधियों को भी इस आदेश के तहत पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है।
नियम तोड़ने पर सख्त सजा पाबंदियों को सख्ती से लागू करने के लिए प्रशासन ने आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी सजा का भी स्पष्ट प्रावधान किया है। प्रशासन ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि जो भी व्यक्ति इन पाबंदियों का उल्लंघन करेगा उस पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नियम तोड़ने वाले किसी भी व्यक्ति पर प्रशासन की तरफ से पांच सौ नेपाली रुपये का भारी आर्थिक जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके अलावा आदेश न मानने वालों को आर्थिक जुर्माने के साथ-साथ एक महीने तक की जेल की कड़ी सजा भी हो सकती है। हालात की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन दोषी व्यक्ति पर जुर्माना और जेल की सजा दोनों भी एक साथ लागू कर सकता है।
हिंसा और एक मौत का प्रभाव प्रशासन को इतने सख्त और कड़े फैसले देवगंज ग्रामीण नगर पालिका के कप्तानगंज इलाके में भड़की सांप्रदायिक हिंसा के कारण लेने पड़े। यहां दो धार्मिक समुदायों के लोग अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित कर रहे थे जिसके दौरान लाउडस्पीकर और झंडे लगाने पर भयानक विवाद हो गया था। इस पूरे विवाद ने देखते ही देखते हिंसा का रूप ले लिया जिसे काबू करने के लिए सुरक्षा बलों को गोली तक चलानी पड़ी थी। सुरक्षा बलों द्वारा चलाई गई इस गोलीबारी में ओम प्रकाश मेहता नामक एक चौबीस वर्षीय युवा व्यक्ति की दर्दनाक मौत हो गई थी। एक व्यक्ति की मौत और कई सुरक्षाकर्मियों के घायल होने की इसी घटना के बाद हालात बिगड़ने से रोकने के लिए पाबंदियां लगाई गई हैं।
महत्वपूर्ण ट्रांजिट कॉरिडोर की सुरक्षा प्रशासन द्वारा शांति स्थापित करने की यह सारी कोशिश इस क्षेत्र के भौगोलिक और व्यापारिक महत्व को देखते हुए की जा रही है। दक्षिण-पूर्वी नेपाल में स्थित इस सुनसारी जिले की भौगोलिक सीमा सीधे तौर पर भारत के राज्य बिहार के साथ जाकर मिलती है। भारत से सटे होने की वजह से यह पूरा क्षेत्र दोनों देशों के बीच व्यापार के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण ट्रांजिट कॉरिडोर है। एक अहम कमर्शियल कॉरिडोर होने के नाते यहां किसी भी प्रकार की हिंसा से दोनों देशों के सीमावर्ती इलाकों पर सीधा असर पड़ता है। इसलिए इस महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक मार्ग पर शांति बनाए रखने के लिए नेपाल प्रशासन इन सख्त पाबंदियों का कड़ाई से पालन करवा रहा है।


























































