यूरिक एसिड सुनने में एक आम बीमारी लग सकती है, लेकिन इसके मरीजों का चलना-फिरना बहुत मुश्किल हो जाता है। इस बीमारी के कारण एड़ी, टखने, घुटनों और हाथों की उंगलियों में बहुत तेज दर्द रहने लगता है। शरीर में इस दर्द को लगातार झेल पाना किसी भी इंसान के लिए काफी मुश्किल काम होता है। हमारे शरीर में यूरिक एसिड मुख्य रूप से हमारे द्वारा खाए जाने वाले भोजन से ही बनता है। जब किसी इंसान के शरीर में इस एसिड की मात्रा बढ़ जाती है, तो उसे भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
हाई प्रोटीन से बचाव: यूरिक एसिड की समस्या होने पर मरीजों को अपने भोजन में हाई प्रोटीन वाली चीजों को खाने से बचना चाहिए। शरीर में प्रोटीन की अधिक मात्रा यूरिक एसिड के स्तर को तेजी से बढ़ाने का काम करती है। हमारे आहार में मौजूद कुछ खास तरह की दालें इस बीमारी की समस्या को तेजी से ट्रिगर कर सकती हैं। इसलिए हर मरीज को यह जानना बेहद जरूरी है कि उसे अपनी डाइट में कौन सी दाल खानी चाहिए। सही दाल का चुनाव करने से शरीर में यूरिक एसिड का स्तर काफी हद तक नियंत्रित रहता है।
फायदेमंद दालों का चुनाव: आयुर्वेदिक विशेषज्ञ Dr. Chanchal Sharma के अनुसार यूरिक एसिड के मरीजों के लिए मूंग की दाल खाना सबसे अच्छा माना जाता है। मूंग की दाल अन्य सभी दालों की तुलना में काफी हल्की होती है और शरीर में आसानी से पच जाती है। इसमें प्यूरीन की मात्रा बहुत कम होती है, जिससे यूरिक एसिड का स्तर बढ़ने का खतरा न के बराबर रहता है। दाल को पकाने से पहले एक-दो घंटे पानी में भिगोकर रखें और लाल मसूर की दाल का भी सीमित मात्रा में सेवन करें। हमेशा यह ध्यान रखें कि दाल को पूरी तरह गलने तक पकाएं और उसमें हल्का तड़का लगाकर ही खाएं।
नुकसानदायक दालें और अनाज: जिन लोगों को यूरिक एसिड की गंभीर समस्या है, उन्हें हाई प्यूरीन वाली चीजों से पूरी तरह दूरी बनानी चाहिए। मरीजों को अपनी डाइट में चना दाल, अरहर दाल और मटर की दाल का सेवन भूलकर भी नहीं करना चाहिए। इन सभी दालों को खाने से मरीज को भारी नुकसान होता है और जोड़ों में दर्द की समस्या काफी बढ़ सकती है। इसके साथ ही हाई प्रोटीन वाले अनाज जैसे राजमा, छोले और काले चने का सेवन भी बिल्कुल कम कर देना चाहिए। इन चीजों में मौजूद अधिक प्यूरीन शरीर में तुरंत यूरिक एसिड को बढ़ा देता है, जिससे स्थिति अधिक खराब हो जाती है।
सही जीवनशैली और डाइट: शरीर में यूरिक एसिड के स्तर को कम करने के लिए मरीजों को दिनभर में ज्यादा से ज्यादा पानी पीना चाहिए। खाने में पालक, टमाटर और बीज वाली सब्जियों का सेवन कम मात्रा में करना सेहत के लिए फायदेमंद रहता है। मरीजों को ज्यादा मीठे ड्रिंक, किसी भी तरह की मिठाई, फलियों वाली सब्जियां और शराब का सेवन नहीं करना चाहिए। तला हुआ भारी खाना और नॉनवेज खाने से बचें, बल्कि इसकी जगह डाइट में क्विनोआ और चावल को शामिल करें। रोजाना सुबह उठकर सबसे पहले गुनगुना पानी पीने की आदत डालें और नियमित रूप से कुछ देर व्यायाम जरूर करें।
महत्वपूर्ण चिकित्सकीय सलाह: इस लेख में बताए गए सभी टिप्स और उपाय केवल आम जानकारी प्रदान करने के उद्देश्य से दिए गए हैं। अपनी डाइट में किसी भी तरह का नया बदलाव करने से पहले किसी विशेषज्ञ की राय लेना बहुत जरूरी होता है। कोई भी नया फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने या बीमारी के उपाय अपनाने से पहले अपने निजी डॉक्टर से सलाह जरूर लें। मरीज अपनी सेहत को सर्वोपरि रखें और किसी भी तरह की शारीरिक परेशानी होने पर तुरंत डॉक्टरी जांच करवाएं।


























































