सनातन धर्म में पंचांग का विशेष महत्व है। किसी भी मांगलिक या नए कार्य को शुरू करने से पहले पंचांग के जरिए शुभ मुहूर्त और अशुभ समय का ज्ञान प्राप्त किया जाता है। आज 5 जून 2026 (शुक्रवार) है और यह दिन धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि आज पुरुषोत्तम मास (अधिक मास) का 20वां दिन है। अधिक मास को ‘मल मास’ या ‘लोंद मास’ के नाम से भी जाना जाता है, जो हिन्दू पंचांग के अनुसार लगभग हर तीन साल में एक बार आता है।
इस पवित्र मास में जप-तप, भगवान श्री हरि विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा-आराधना, मंत्र जाप तथा दान-पुण्य करने का विशेष महत्व बताया गया है। धार्मिक मान्यता है कि पुरुषोत्तम मास में की गई सच्ची साधना से मनुष्य की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और समस्त पापों का नाश होता है।
आइए विस्तार से जानते हैं 5 जून 2026 का संपूर्ण पंचांग:
आज की तिथि, नक्षत्र और योग
आज के दिन ग्रहों और नक्षत्रों की स्थिति कई शुभ और विशेष योग का निर्माण कर रही है:
- तिथि: शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि आज (5 जून) पूरे दिन रहेगी और इसका समापन अगले दिन 6 जून को दोपहर 1 बजकर 20 मिनट पर होगा।
- नक्षत्र: श्रवण नक्षत्र आज पूरी रात तक प्रभावी रहेगा।
- करण: कौलव करण दोपहर 12 बजकर 28 मिनट तक रहेगा।
- योग: ब्रह्म योग सुबह 9 बजकर 43 मिनट तक रहेगा।
सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रमा की स्थिति
- सूर्योदय: सुबह 5 बजकर 23 मिनट पर।
- सूर्यास्त: शाम 7 बजकर 16 मिनट पर।
- चंद्रोदय: रात 11 बजकर 19 मिनट पर।
- चंद्रास्त: अगले दिन (6 जून) सुबह 9 बजकर 15 मिनट पर।
आज के शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat)
आज के दिन कोई भी नया काम या मांगलिक कार्य शुरू करने के लिए कई अत्यंत शुभ मुहूर्त उपलब्ध हैं। आज सर्वार्थ सिद्धि योग पूरे दिन रहेगा, जो कार्यों में शत-प्रतिशत सफलता दिलाने वाला माना जाता है:
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4 बजकर 2 मिनट से सुबह 4 बजकर 43 मिनट तक।
- अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11 बजकर 52 मिनट से दोपहर 12 बजकर 48 मिनट तक (शास्त्रों में इस मुहूर्त को किसी भी शुभ कार्य के लिए सबसे उत्तम और दोषमुक्त माना गया है)।
- विजय मुहूर्त: दोपहर 2 बजकर 39 मिनट से दोपहर 3 बजकर 34 मिनट तक।
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 7 बजकर 15 मिनट से शाम 7 बजकर 35 मिनट तक।
- अमृत काल: शाम 6 बजकर 38 मिनट से रात 8 बजकर 23 मिनट तक।
- निशिता मुहूर्त: रात 11 बजकर 59 मिनट से देर रात 12 बजकर 40 मिनट तक।
आज के अशुभ समय (Ashubh Samay)
शुभ कार्यों को करते समय अशुभ मुहूर्तों का ध्यान रखना भी अति आवश्यक है। पंचांग के अनुसार, नीचे दिए गए समय के दौरान किसी भी नए, महत्वपूर्ण या मांगलिक कार्य की शुरुआत करने से बचना चाहिए:
- राहुकाल: सुबह 10 बजकर 36 मिनट से दोपहर 12 बजकर 20 मिनट तक।
- यमगंड काल: दोपहर 3 बजकर 48 मिनट से शाम 5 बजकर 32 मिनट तक।
- गुलिक काल: सुबह 7 बजकर 7 मिनट से सुबह 8 बजकर 51 मिनट तक।
- दुर्मुहूर्त: सुबह 8 बजकर 10 मिनट से सुबह 9 बजकर 5 मिनट तक।
- वर्ज्य काल: सुबह 8 बजकर 5 मिनट से सुबह 9 बजकर 50 मिनट तक।
(विशेष नोट: पंचांग में दिए गए सूर्योदय, सूर्यास्त और मुहूर्तों का समय आपके स्थानीय क्षेत्र और भौगोलिक स्थिति के अनुसार थोड़ा बहुत भिन्न हो सकता है।)





































