पटना: बिहार के सारण जिला स्थित जेपी विश्वविद्यालय (JP University) के पीजी के पाठ्यक्रम में हुए बदलाव को लेकर जारी विवाद के बीच नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने नीतीश कुमार (Nitish Kumar) को घेरा है. जेपी को अपना आदर्श बताने वाले नीतीश कुमार की सरकार में जेपी विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम से जेपी और लोहिया के विचार की पढ़ाई हटाए जाने के बाद तेजस्वी ने नीतीश कुमार पर संघी होने का आरोप लगाया है.
पूरी तरह से संघी हो चुके हैं नीतीश कुमार
नेता प्रतिपक्ष ने गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा, ” मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अब पूरी तरह से संघी हो चुके हैं. अब किसी प्रमाण की भी जरूरत नहीं है. हम शुरू से ये बात कहते आ रहे हैं और अब यह प्रमाणित भी हो रहा है. जिस जेपी आंदोलन से नीतीश कुमार ने अपनी राजनीति शुरुआत की, आज उसी जयप्रकाश के नाम पर बनाए गए विश्वविद्यालय से उनके विचारों को सिलेबस से गायब कर दिया है. ये दुर्भाग्यपूर्ण है.”
वहीं, प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह द्वारा आरएसएस को तालिबानी बताए जाने पर उन्होंने कहा, ” उन्होंने ठीक ही कहा है. आरएसएस के लोग तालिबानियों से बात करते हैं और जिस स्टेट में बीजेपी की सरकार है, उस स्टेट में तालिबानी हुकूमत चलती है. जहां नहीं है वहां संघी हुकूमत चलती है.”
लालू यादव ने साधा था निशाना
मालूम हो कि बिहार के छपरा स्थित जयप्रकाश विश्वविद्यालय (JP University) में उनके ही विचारों को राजनीति विज्ञान के पीजी सिलेबस से हटा दिया गया है. एक अखबार में इस रिपोर्ट के प्रकाशित होने के बाद विवाद शुरू हो गया है. आरजेडी (RJD) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) ने जेपी-लोहिया के विचारों को हटाए जाने पर विरोध जताया है.
लालू यादव के अलावा अन्य नेताओं और छात्र संगठनों ने भी इसका विरोध किया. ऐसे में विवाद गहराता देख शिक्षा मंत्री विजय चौधरी (Vijay Chaudhary) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और गलती मानते हुए पाठ्यक्रम में बदलाव की बात कही है. उन्होंने कहा, ” जेपी और लोहिया के विचारों की पढ़ाई फिर से पाठ्यक्रम में शामिल होगी. गवर्नर ने भी इस समस्या के निदान का भरोसा दिलाया है. बिहार की मिट्टी से जुड़े समाजवादी राजनेताओं के विचार को पाठ्यक्रम से नहीं हटाया जा सकता है.”




































