मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को लखनऊ से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हरी झंडी दिखाकर इस बस सेवा का शुभारंभ किया। गौतम बुद्ध नगर के निवासियों के लिए यह राज्य सरकार की तरफ से एक बहुत बड़ी और महत्वपूर्ण परिवहन सौगात है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण कार्यालय में इस ऐतिहासिक अवसर पर एक विशेष और भव्य कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया था। इस विशेष उद्घाटन कार्यक्रम में दादरी क्षेत्र के विधायक तेजपाल नागर स्थानीय जनता के साथ मुख्य रूप से उपस्थित रहे। विधायक तेजपाल नागर ने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए स्पष्ट किया कि इस सेवा की मांग लंबे समय से की जा रही थी।
इन चार प्रमुख रूटों पर चलेंगी बसें इन सभी नई इलेक्ट्रिक बसों का सुचारू संचालन मुख्य रूप से सेक्टर नब्बे स्थित बस डिपो से किया जाएगा। शुरुआत में परिवहन विभाग ने इन बसों को शहर के चार सबसे व्यस्त और प्रमुख रूटों पर चलाने का निर्णय लिया है। ये बसें बॉटनिकल गार्डन से ग्रेटर नोएडा वेस्ट और गाजियाबाद न्यू बस अड्डा रूट से होकर अपनी सेवाएं देंगी। इसके अलावा यह बसें नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और सूरजपुर कलेक्ट्रेट वाले महत्वपूर्ण रूट पर भी चलाई जाएंगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में यात्रियों की बढ़ती मांग के आधार पर इन रूटों पर बसों की संख्या और बढ़ाई जाएगी।
डबल डेकर बस सेवा की हुई शुरुआत पंद्रह जून से पहली बार दोनों शहरों के बीच इंटरसिटी इलेक्ट्रिक बस सेवा का शानदार संचालन शुरू होने जा रहा है। इस पूरी योजना के तहत फिलहाल एक सौ सामान्य इलेक्ट्रिक बसें और दस डबल डेकर इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी। नोएडा अथॉरिटी और यूपी परिवहन निगम मिलकर इन सभी आधुनिक बसों का संयुक्त रूप से सफल संचालन सुनिश्चित करेंगे। इन सिटी बसों के चलने से शहर के नौकरीपेशा लोगों, छात्रों और रोजाना दैनिक यात्रा करने वाले यात्रियों को सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा। इस बेहतरीन सुविधा के शुरू होने से आम जनता की ऑटो और महंगी कैब पर निर्भरता काफी हद तक कम हो जाएगी।
किराया और अत्याधुनिक सुरक्षा व्यवस्था पर्यावरण को पूरी तरह से ध्यान में रखते हुए यह सभी बसें इलेक्ट्रिक हैं जिनसे किसी भी तरह का प्रदूषण बिल्कुल नहीं होगा। यात्रियों की जेब और सुविधा के लिए बसों का न्यूनतम किराया बीस रुपये और अधिकतम किराया पचास रुपये निर्धारित किया गया है। चिलचिलाती गर्मी से राहत देने के लिए इन सभी बसों को पूरी तरह से एयर कंडीशनर (एसी) सुविधाओं से लैस किया गया है। सफर करने वाले सभी यात्रियों की पुख्ता सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हर बस के अंदर चार सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं। इन कैमरों की मदद से निरंतर नजर रखी जाएगी जिससे हर यात्री बिना किसी भी प्रकार के डर के सुरक्षित सफर कर सकेगा।
एयरपोर्ट और कलेक्ट्रेट से सीधा संपर्क राज्य सरकार द्वारा दिए गए इस परिवहन तोहफे से अब शहरों की स्थानीय कनेक्टिविटी पहले से कहीं अधिक बेहतर हो जाएगी। अब ग्रेटर नोएडा में रहने वाले सभी निवासी सीधे इन बसों के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट तक बहुत ही आसानी से पहुंच सकेंगे। एयरपोर्ट की बेहतरीन सुविधा के अलावा यह सभी बसें शहर के यात्रियों को सीधे कलेक्ट्रेट तक ले जाने का काम भी करेंगी। शुरुआत में तीनों स्थानीय प्राधिकरणों को संचालन के लिए ग्यारह-ग्यारह सिटी बसें उनके संबंधित क्षेत्रों में चलाने के लिए दी गई हैं। इन सभी अहम स्थानों तक पहुंचने के लिए शहर के लोगों को अब किसी भी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
भविष्य में पांच सौ होंगी बसें शुरुआती चरण में आम जनता की सुविधा के लिए सड़कों पर केवल एक सौ दस इलेक्ट्रिक बसों का ही संचालन किया जाएगा। हालांकि सरकार और प्राधिकरण की मुख्य योजना के अनुसार भविष्य में इन बसों की कुल संख्या बढ़ाकर पांच सौ कर दी जाएगी। योजनाबद्ध तरीके से शहर के सभी सेक्टरों और आवासीय सोसाइटियों को भी इन सिटी बसों के रूट से सीधे जोड़ा जाएगा। इतनी बड़ी संख्या में बसों के सड़क पर उतरने से यहां की परिवहन व्यवस्था में एक बहुत बड़ा और सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा। अधिकारियों का मुख्य लक्ष्य है कि सार्वजनिक परिवहन प्रणाली को इतना अधिक मजबूत किया जाए कि हर नागरिक इसका लाभ उठा सके।





































