मिडिल ईस्ट क्षेत्र में फरवरी महीने से लगातार चल रहा तनाव आज पूरी तरह समाप्त हो सकता है। इस टकराव को रोकने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच एक ऐतिहासिक शांति समझौता होने जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस डील को लेकर एक बहुत ही महत्वपूर्ण घोषणा की है। उनके अनुसार रविवार के दिन दोनों देशों के प्रतिनिधि इस समझौते पर अंतिम हस्ताक्षर कर देंगे।
समुद्री मार्ग तुरंत खोलने का एलान राष्ट्रपति ट्रंप ने घोषणा की है कि इस शांति समझौते पर आज ही हस्ताक्षर किए जाने तय हैं। इस डील पर दस्तखत होने के तुरंत बाद रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट खुल जाएगा। यह महत्वपूर्ण समुद्री जलमार्ग अब बिना किसी बाधा के सभी देशों के लिए खुला रहेगा। इस फैसले से वैश्विक व्यापार और अंतरराष्ट्रीय तेल परिवहन को बहुत बड़ी राहत मिलेगी।
ओबामा की परमाणु नीति की आलोचना ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि बराक ओबामा की पुरानी जेीसीपीओए डील बेहद त्रुटिपूर्ण थी। वह पुरानी नीति असल में ईरान के लिए परमाणु हथियार हासिल करने का एक सीधा रास्ता थी। अगर वह पुरानी डील लागू रहती तो ईरान छह साल पहले ही परमाणु हथियार बना चुका होता। पूर्व अमेरिकी सरकार ने तब ईरान को नकद राशि समेत कुल अरबों डॉलर की भारी मदद दी थी।
बिना किसी आर्थिक लेन-देन के डील डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि उनका यह नया समझौता ओबामा की नीतियों के बिल्कुल उलट है। इस नए शांति समझौते के अंतर्गत दोनों देशों के बीच किसी प्रकार के पैसे का लेन-देन नहीं होगा। यह नई डील ईरान द्वारा परमाणु हथियार न बनाने की पूर्ण और पक्की गारंटी प्रदान करती है। अब ईरान के साथ अमेरिका के कूटनीतिक संबंध पिछली सरकारों की तुलना में बहुत अलग और बेहतर हैं।
परमाणु कार्यक्रम को निष्क्रिय करने का दावा अमेरिकी राष्ट्रपति का दावा है कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम प्रभावी रूप से निष्क्रिय हो चुका है। वहां बची हुई शेष परमाणु सामग्री का निपटारा भी आने वाले समय में पूरी तरह से कर दिया जाएगा। जब सब कुछ शांत होगा तब अमेरिका अपने बी-2 बॉम्बर्स और बेहतरीन पायलटों को वहां भेजेगा। ये पायलट पहाड़ों के नीचे दबी परमाणु सामग्री को निकालकर नष्ट करने का काम करेंगे।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पुष्टि और समर्थन इस महासमझौते की पुष्टि सबसे पहले पड़ोसी देश पाकिस्तान के शीर्ष नेतृत्व द्वारा की गई थी। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा था कि यह डील अगले चौबीस घंटों में फाइनल होगी। अब अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने भी स्वयं घोषणा कर दी है कि रविवार को इस पर हस्ताक्षर होंगे। इस ऐतिहासिक समझौते के साथ ही मिडिल ईस्ट में महीनों से जारी युद्ध का खतरा टल जाएगा।





































