‘हारे का सहारा’ बाबा श्याम ‘हारे का सहारा बाबा खाटू श्याम हमारा…’ यह केवल एक वाक्य नहीं, बल्कि लाखों भक्तों की अटूट आस्था का सिद्ध मंत्र है। माना जाता है कि जो भी व्यक्ति अपने जीवन में निराश, दुखी और असफल हो जाता है, उसके सबसे बड़े रक्षक स्वयं बाबा खाटू श्याम होते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो भी भक्त सच्चे मन से बाबा श्याम के दरबार में अपनी हाजिरी लगाता है, उसके जीवन के सभी संकट तत्काल दूर हो जाते हैं और उसकी झोली खुशियों से भर जाती है। बाबा श्याम घोर मुसीबत के समय अपने भक्तों को असीम संबल और ढांढस प्रदान करते हैं।
एकादशी तिथि का विशेष महत्व बाबा खाटू श्याम जी के दर्शन के लिए सबसे अधिक शुभ और फलदायी दिन ‘एकादशी तिथि’ को माना जाता है। चूंकि बाबा श्याम का सीधा संबंध भगवान श्रीकृष्ण से है, इसलिए एकादशी तिथि उन्हें अत्यंत प्रिय है। विशेष रूप से शुक्ल पक्ष की एकादशी, आमलकी एकादशी या देवउठनी एकादशी के पवित्र अवसर पर खाटू श्याम जी के दर्शन करना अति उत्तम और फलदायी माना गया है। शास्त्रों में वर्णित है कि इस दिन श्याम बाबा के दर्शन करने मात्र से व्यक्ति के सभी प्रकार के पाप धुल जाते हैं और असीम पुण्य की प्राप्ति होती है।
द्वादशी तिथि की मान्यता एकादशी तिथि के साथ-साथ, खाटू श्याम बाबा के दर्शन के लिए ‘द्वादशी तिथि’ को भी अत्यंत शुभ और कल्याणकारी माना जाता है। जो भी श्रद्धालु एकादशी का कठिन व्रत रखते हैं, वे मुख्य रूप से द्वादशी के दिन ही बाबा के दरबार में दर्शन करके अपना व्रत खोलते हैं या पारण करते हैं। मान्यता है कि द्वादशी तिथि के दिन सच्चे भाव से श्याम बाबा के दर्शन और आराधना करने से व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं शीघ्र ही पूरी हो जाती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि का वास होता है।
दर्शन के लिए गुरुवार का दिन उत्तम तिथियों के अतिरिक्त यदि सप्ताह के दिनों की बात करें, तो बाबा श्याम के दर्शन के लिए ‘गुरुवार का दिन’ (बृहस्पतिवार) अत्यंत उत्तम और श्रेष्ठ माना गया है। भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण की आराधना के लिए समर्पित यह दिन बाबा श्याम की विशेष कृपा पाने का सुअवसर होता है। इस दिन खाटू श्याम के दर्शन और पूजन करने से भक्तों के सभी कष्ट और परेशानियां दूर हो जाती हैं। गुरुवार के दिन दरबार में हाजिरी लगाने वाले भक्तों पर बाबा की विशेष कृपा दृष्टि सदैव बनी रहती है।
मंत्र जाप और मनोकामना पूर्ति बाबा के दर्शन के साथ-साथ उनके पावन नाम और मंत्रों के जाप का भी विशेष धार्मिक महत्व है। मान्यताओं के अनुसार, यदि कोई भक्त खाटू श्याम जी के दर्शन करने के उपरांत 108, 51 या फिर केवल 11 बार भी पूर्ण श्रद्धा के साथ ‘श्याम’ नाम या उनके सिद्ध मंत्रों का जाप करता है, तो उसकी हर मनोकामना बाबा तुरंत पूरी करते हैं। इन मंत्रों का जाप मानसिक शांति प्रदान करता है और जीवन की सभी नकारात्मक ऊर्जाओं को नष्ट करके चारों ओर सकारात्मकता का संचार करता है।
कष्ट निवारण के लिए सिद्ध मंत्र भक्तों को बाबा की असीम कृपा प्राप्त करने के लिए कुछ विशेष सिद्ध मंत्रों का नियमित जाप अवश्य करना चाहिए। इनमें “ॐ श्याम शरणम ममः” और “ॐ खातुनाथाय नमः” का नित्य जाप अत्यंत फलदायी है। इसके अलावा जीवन के कष्टों के निवारण के लिए “ॐ श्याम देवाय बर्बरीकाय हरये परमात्मने। प्रणतः क्लेशनाशाय सुह्र्दयाय नमो नमः।।” और “ॐ मोर्वी नंदनाय विद् महे श्याम देवाय धीमहि तन्नो बर्बरीक प्रचोदयात्।।” मंत्र का उच्चारण सर्वश्रेष्ठ माना गया है, जिससे जीवन में चमत्कारिक बदलाव आते हैं।





































