तिथि और पंचांग का महत्व भारतीय परंपरा और सनातन धर्म में दिन की शुरुआत पंचांग देखकर करने का विशेष महत्व है। किसी भी शुभ कार्य, पूजा-पाठ, यात्रा या नए व्यापार की शुरुआत से पहले तिथि, नक्षत्र और मुहूर्त जानना आवश्यक माना जाता है। पंचांग दिनभर के ग्रह-नक्षत्रों की सटीक स्थिति बताता है। 10 जून 2026 का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। पंचांग के अनुसार, 10 जून को ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि है, जो रात 12 बजकर 58 मिनट तक प्रभावी रहेगी।
नक्षत्र और ग्रहों की स्थिति आज सुबह 9 बजकर 21 मिनट तक उत्तरभाद्रपदा नक्षत्र रहेगा, जिसके पश्चात मंगलकारी रेवती नक्षत्र का आरंभ हो जाएगा। रेवती नक्षत्र को धार्मिक कार्यों और शुभ अनुष्ठानों के लिए अत्यंत अनुकूल माना जाता है। ग्रहों की स्थिति के अनुसार, आज चंद्रमा पूरे दिन मीन राशि में गोचर करेंगे। ज्योतिष शास्त्र में मीन राशि का चंद्रमा मन को शांति और आध्यात्मिक चिंतन प्रदान करने वाला माना गया है। इसके साथ ही, सूर्य देव आज वृषभ राशि में विराजमान रहेंगे।
आज के शुभ योग दिन का आरंभ आयुष्मान योग के साथ होगा, जो प्रातः 6 बजकर 29 मिनट तक प्रभावी रहेगा। इसके उपरांत सौभाग्य योग की शुरुआत होगी। वैदिक ज्योतिष में सौभाग्य योग को अत्यंत शुभ और फलदायी माना गया है। ऐसी मान्यता है कि सौभाग्य योग की अवधि में प्रारंभ किए गए सभी कार्यों में सकारात्मक परिणाम प्राप्त होते हैं। यह विशेष योग मांगलिक कार्यों और नई शुरुआत के लिए श्रेष्ठ माना जाता है।
सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्र काल आज प्रातः काल सूर्योदय 5 बजकर 44 मिनट पर होगा, जबकि सूर्यास्त सायं 7 बजकर 8 मिनट पर निर्धारित है। चंद्रोदय का समय रात्रि 1 बजकर 24 मिनट पर रहेगा और चंद्रास्त दोपहर 2 बजकर 11 मिनट पर होगा। जो श्रद्धालु सुबह जल्दी उठकर पूजा-पाठ, योग और ध्यान करते हैं, उनके लिए यह समय और ग्रहों की चाल विशेष रूप से फलदायी और ऊर्जावान साबित होगी।
ब्रह्म मुहूर्त और अमृत काल धार्मिक अनुष्ठानों और ईश्वर की आराधना के लिए सबसे उत्तम माना जाने वाला ब्रह्म मुहूर्त आज प्रातः 4 बजकर 8 मिनट से प्रारंभ होकर 4 बजकर 56 मिनट तक रहेगा। इसके अतिरिक्त, शुभ कार्यों को करने के लिए अमृत काल प्रातः 4 बजकर 35 मिनट से 6 बजकर 10 मिनट तक रहेगा। मान्यता है कि इन अत्यंत शुभ मुहूर्तों में की गई पूजा और प्रारंभ किए गए कार्यों में पूर्ण सफलता प्राप्त होने की प्रबल संभावना रहती है।
राहुकाल और अशुभ मुहूर्त शुभ कार्यों के साथ-साथ अशुभ समय का ध्यान रखना भी अत्यंत आवश्यक है। आज राहुकाल दोपहर 12 बजकर 26 मिनट से 2 बजकर 6 मिनट तक रहेगा। इस दौरान किसी भी नए कार्य की शुरुआत करने से बचना चाहिए। इसके अतिरिक्त यमगंड काल प्रातः 7 बजकर 25 मिनट से 9 बजकर 5 मिनट तक, कुलिक काल प्रातः 10 बजकर 45 मिनट से 12 बजकर 26 मिनट तक और दुर्मुहूर्त प्रातः 11 बजकर 59 मिनट से दोपहर 12 बजकर 53 मिनट तक रहेगा। इन अवधियों में महत्वपूर्ण कार्यों को टालना ही उचित है।





































