रविवार को इजरायली सेना ने लेबनान की राजधानी बेरूत में एक बेहद जोरदार हवाई हमला किया। इजरायल की वायुसेना ने बेरूत के दक्षिणी उपनगरों में स्थित हिजबुल्लाह के ठिकानों को निशाना बनाया। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस हमले के बाद हताहतों के आधिकारिक आंकड़े जारी किए हैं। मंत्रालय के अनुसार एक आवासीय इमारत पर हुए इस हमले में दो लोगों की मौत हो गई। इस हमले के कारण लगभग 20 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
ईरान का तत्काल पलटवार तेहरान ने रविवार को इजरायल द्वारा बेरूत पर हमला किए जाने के बाद जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी थी। लेबनान पर हमले की स्थिति में ईरान ने इजरायल पर अटैक की बात पहले ही साफ कर दी थी। जैसे ही बेरूत में हिजबुल्लाह पर हमला हुआ, ईरान ने इजरायल पर मिसाइलें बरसा दीं। इजरायल के कब्जे वाले वेस्ट बैंक के आसमान में देर रात भारी तादाद में मिसाइलें देखी गईं। हालांकि ईरान के इस जवाबी मिसाइल हमले में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
उत्तरी इजरायल में गोलीबारी इजरायल ने बेरूत के दक्षिणी उपनगरों पर किए गए अपने इस हवाई हमले का कारण स्पष्ट किया है। इजरायल का कहना है कि यह हमला ईरान समर्थित हिजबुल्लाह की कार्रवाई का एक सीधा जवाब था। हिजबुल्लाह ने उसी दिन पहले उत्तरी इजरायल के इलाकों पर भारी गोलीबारी की थी। हिजबुल्लाह द्वारा की गई इसी गोलीबारी के जवाब में इजरायली सेना ने बेरूत पर बमबारी की। इस प्रकार दोनों पक्षों की ओर से रविवार को लगातार हमले किए गए।
सीजफायर वार्ता का इतिहास बेरूत पर इजरायल का यह हमला लेबनान और इजरायल की सरकारों के बीच हुई बातचीत के ठीक बाद हुआ। दोनों देशों की सरकारों के बीच अमेरिका की मेजबानी में संघर्षविराम पर एक सहमति बनी थी। यह सहमति इस हवाई हमले के होने से महज कुछ दिन पहले ही तय हुई थी। अमेरिका ने इस नाजुक संघर्षविराम समझौते को कराने के लिए दोनों पक्षों की मेजबानी की थी। इसके बावजूद क्षेत्र में शांति स्थापित करने की यह कोशिश नाकाम साबित हुई।
समझौते को किया खारिज अमेरिका की मेजबानी में हुए इस संघर्षविराम समझौते को हिजबुल्लाह ने मानने से पूरी तरह इनकार कर दिया। हिजबुल्लाह ने लेबनान और इजरायल की सरकारों के बीच बनी इस सहमति को सिरे से खारिज कर दिया था। समझौते को खारिज करने के बाद हिजबुल्लाह ने उत्तरी इजरायल पर अपनी गोलीबारी जारी रखी। हिजबुल्लाह के इसी अड़ियल रुख के कारण इजरायल ने बेरूत के हिजबुल्लाह ठिकानों को निशाना बनाया। इसके बाद ही ईरान ने भी इस सीजफायर उल्लंघन के बीच इजरायल पर मिसाइलें दागीं।
शांति प्रयासों को झटका अप्रैल की शुरुआत में एक नाजुक सीजफायर लागू होने के बाद ईरान की तरफ से यह पहला हमला है। इस हमले के बाद युद्ध समाप्त करने के मकसद से किए जा रहे प्रयास जटिल हो गए हैं। समझौते के लिए चल रहे मध्यस्थता के सभी प्रयासों को इससे बहुत गहरा धक्का लगा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ईरान को हमले रोकने की सख्त चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा है कि अगर हमले नहीं रुके तो सीजफायर की डील पूरी तरह रुक सकती है।





































