दुनिया के सबसे बड़े खेल आयोजनों में से एक फुटबॉल विश्व कप की शानदार शुरुआत हो चुकी है। इस बड़े टूर्नामेंट की मेजबानी अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको मिलकर संयुक्त रूप से कर रहे हैं। पहले दिन मेक्सिको के दल ने शानदार जीत के साथ अपने घरेलू अभियान का सफल आगाज किया है। अब दूसरे दिन बारह जून को टूर्नामेंट के बाकी दो सह-मेजबान देश भी पहली बार मैदान पर उतरेंगे। इस दिन खेल प्रेमियों की नजरें मुख्य रूप से कनाडा और अमेरिका के महत्वपूर्ण मुकाबलों पर टिकी रहेंगी।
कनाडा के लिए ऐतिहासिक दिन और पहला कड़ा मुकाबला कनाडा के फुटबॉल इतिहास में बारह जून का दिन बेहद खास है क्योंकि वह पहली बार विश्व कप मुकाबले की मेजबानी करेगा। टोरंटो स्टेडियम में खेले जाने वाले इस ऐतिहासिक मुकाबले में कनाडा की भिड़ंत बोस्निया और हर्जेगोविना से होगी। बोस्निया के दल ने प्ले-ऑफ में इटली को हराकर इस विश्व कप में अपनी जगह पक्की की है। इसलिए फुटबॉल विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू दर्शकों के भारी समर्थन के बावजूद कनाडा के लिए यह मुकाबला बिल्कुल आसान नहीं होगा। यह अहम मुकाबला कनाडा में स्थानीय समयानुसार दोपहर तीन बजे और भारतीय समयानुसार तेरह जून को रात साढ़े बारह बजे शुरू होगा।
लॉस एंजिल्स स्टेडियम में अमेरिका और पराग्वे की जोरदार टक्कर टूर्नामेंट के दूसरे दिन का एक और बड़ा मुकाबला लॉस एंजिल्स स्टेडियम में अमेरिका और पराग्वे के बीच खेला जाएगा। मुख्य प्रशिक्षक मौरिसियो पोचेटिनो के नेतृत्व में अमेरिकी दल अपनी धरती पर जीत के साथ शुरुआत करना चाहेगा। हालांकि पराग्वे का दल भी काफी मजबूत है जिसने क्वालिफायर में अर्जेंटीना और ब्राजील जैसे दिग्गज दलों को हराया है। इन दोनों के बीच अब तक नौ मुकाबले हुए हैं तथा छियानवे वर्षों के बाद दोनों विश्व कप में आमने-सामने होंगे। यह दिलचस्प मुकाबला लॉस एंजिल्स में शाम छह बजे और भारतीय समयानुसार तेरह जून को सुबह साढ़े छह बजे शुरू होगा।
फुटबॉल विश्व कप का प्रारूप और मैचों का विस्तृत आयोजन इस बार फुटबॉल विश्व कप में कुल अड़तालीस दल हिस्सा ले रहे हैं जिन्हें बारह समूहों में बांटा गया है। यह पूरा आयोजन उनतालीस दिनों तक चलेगा जिसमें फाइनल सहित कुल एक सौ चार मुकाबले खेले जाएंगे। सभी दलों के बीच होने वाले ये रोमांचक मुकाबले अमेरिका, मेक्सिको और कनाडा के कुल सोलह मैदानों पर आयोजित होंगे। मेजबान होने के नाते अमेरिका और कनाडा के दलों पर अपने घरेलू दर्शकों के सामने बेहतर प्रदर्शन करने का काफी दबाव होगा। शुरुआत के इन मुकाबलों से ही यह स्पष्ट हो जाएगा कि इस बड़े आयोजन के लिए सभी दलों की तैयारियां कैसी हैं।
फीफा द्वारा भारी पुरस्कार राशि की बड़ी घोषणा फीफा ने इस विश्व कप के शुरू होने से पहले ही पुरस्कार राशि की घोषणा कर दी है जिसमें भारी बढ़ोतरी हुई है। इस बार कुल पुरस्कार राशि छह सौ पचपन मिलियन डॉलर रखी गई है जो भारतीय रुपये में लगभग बासठ सौ इकतालीस करोड़ रुपये है। यह धनराशि पिछले विश्व कप की तुलना में लगभग पचास प्रतिशत अधिक है जो एक बहुत बड़ा सकारात्मक बदलाव है। इस महाकुंभ में जो भी दल खिताब जीतेगा उसे पचास मिलियन डॉलर यानी चार सौ छिहत्तर करोड़ रुपये की भारी रकम मिलेगी। वहीं फाइनल में हारने वाली उपविजेता को भी तैंतीस मिलियन डॉलर यानी कुल तीन सौ चौदह करोड़ रुपये का इनाम दिया जाएगा।
क्वालीफाई करने वाले सभी दलों को मिलेगी भारी इनामी राशि इस टूर्नामेंट में हिस्सा लेने वाले सभी दलों को फीफा की तरफ से क्वालिफिकेशन के लिए दस मिलियन डॉलर अलग से दिए जाएंगे। इस धन को मिलाकर विश्व कप में दलों पर लगभग बयासी सौ निन्यानवे करोड़ रुपये की भारी धनराशि खर्च की जाएगी। तीसरे और चौथे स्थान पर रहने वालों को क्रमशः दो सौ छिहत्तर करोड़ और दो सौ सत्तावन करोड़ रुपये का इनाम मिलेगा। पांचवें से आठवें स्थान वालों को एक सौ इक्यासी करोड़ और नौवें से सोलहवें स्थान वालों को एक सौ तैंतालीस करोड़ रुपये दिए जाएंगे। यहां तक कि अंतिम पायदान यानी अड़तालीसवें स्थान पर रहने वाला हर दल भी छियासी करोड़ रुपये की राशि लेकर घर वापस जाएगा।





































