उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच बिजली की भारी मांग को लेकर राज्य के ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने कई बड़े दावे किए हैं। गुरुवार सुबह उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर राज्य की जनता को संबोधित करते हुए एक विस्तृत पोस्ट किया। इस पोस्ट में मंत्री ने पूरे आत्मविश्वास के साथ कहा कि पिछले कई वर्षों से उत्तर प्रदेश में इतिहास की सर्वाधिक विद्युत आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश में की जा रही यह बिजली आपूर्ति पूरे देश में सबसे अधिक है। यह दावा राज्य के बिजली विभाग के प्रयासों को बहुत मजबूती से सामने रखता है।
पीक डिमांड ने तोड़े पुराने सभी रिकॉर्ड ऊर्जा मंत्री ने अपने आधिकारिक बयान में राज्य में बिजली की पीक डिमांड से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण और चौंकाने वाले आंकड़े भी साझा किए। उन्होंने बताया कि गत 8 और 9 जून की रात को राज्य में बिजली की पीक डिमांड 31678 मेगावाट दर्ज की गई थी। इसके ठीक अगले दिन, यानी 10 जून की रात को यह मांग और बढ़कर 31894 मेगावाट के ऐतिहासिक स्तर तक पहुंच गई। ए.के. शर्मा के अनुसार, यह उत्तर प्रदेश के इतिहास में अब तक की सर्वाधिक दर्ज की गई बिजली की पीक डिमांड है। यह आंकड़ा इस बात का प्रमाण है कि राज्य में बिजली की खपत कितनी तेजी से बढ़ रही है।
विद्युत अवसंरचना को किया गया मजबूत बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी देते हुए मंत्री ने विभाग की उपलब्धियां भी गिनाईं। उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में न केवल बिजली का उत्पादन बढ़ाया गया है, बल्कि पूरी विद्युत अवसंरचना (Infrastructure) को भी काफी मजबूत किया गया है। नए सब-स्टेशन बनाए गए हैं और पुरानी लाइनों को आधुनिक तकनीक से अपग्रेड किया गया है। मंत्री का दावा है कि इन बुनियादी सुधारों के कारण ही राज्य आज इतनी बड़ी पीक डिमांड को सफलतापूर्वक संभाल पा रहा है। उनका कहना है कि सरकार बुनियादी ढांचे पर लगातार और तेजी से काम कर रही है।
प्राकृतिक कारणों से आपूर्ति में आ रही बाधाएं विद्युत अवसंरचना को मजबूत करने के दावों के बावजूद, मंत्री ने बिजली आपूर्ति में आने वाली कई व्यावहारिक चुनौतियों को भी खुलकर स्वीकार किया। उन्होंने बताया कि इस समय राज्य में पड़ रही भीषण और असामान्य गर्मी के कारण बिजली की मांग में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। इसके अलावा, अचानक आने वाले आंधी-तूफ़ान और ओले पड़ने जैसे प्राकृतिक कारणों से भी कई जगहों पर विद्युत आपूर्ति में बाधा उत्पन्न हो जाती है। ए.के. शर्मा ने स्पष्ट किया कि इन प्राकृतिक आपदाओं के कारण लाइनों में फॉल्ट आते हैं, जिससे कुछ समय के लिए आपूर्ति प्रभावित होती है।
निर्बाध आपूर्ति देने में लगा है विभाग इन सभी बड़ी चुनौतियों और बाधाओं के बावजूद, ऊर्जा मंत्री ने राज्य की जनता को पूरी तरह से आश्वस्त करने का प्रयास किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इन प्राकृतिक और तकनीकी चुनौतियों को पार करके बिजली विभाग का हर कर्मचारी निरंतर कार्य कर रहा है। विभाग का मुख्य लक्ष्य राज्य के हर कोने में निर्बाध (बिना रुकावट) बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना है। मंत्री ने कहा कि हम सब मिलकर इन मुश्किल परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं और जनता को बेहतर से बेहतर सेवाएं देने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं।
यूपी में बिजली कटौती की लगातार शिकायतें एक तरफ जहां सरकार और मंत्री बिजली आपूर्ति को लेकर बड़े और ऐतिहासिक दावे कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। यूपी के कई जिलों से आम लोगों की यह शिकायत लगातार आ रही है कि इस भीषण गर्मी के बीच अघोषित बिजली की कटौती काफी ज्यादा की जा रही है। हालांकि अभी हाल ही में सरकार ने यह दावा किया था कि भीषण गर्मी के बीच राज्य बिजली की मांग को पूरा करने में देश में सबसे आगे रहा है। सरकार के दावों और जनता की शिकायतों के बीच यह विरोधाभास राज्य में बिजली संकट की वास्तविक तस्वीर को काफी हद तक धुंधला कर रहा है।





































